Kurukshetra: कुरुक्षेत्र में आयोजित 41वीं राज्य पशुधन प्रदर्शनी के समापन समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी हमारी ग्रामीण संस्कृति, पशुधन परंपरा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते संकल्प का एक जीवंत प्रमाण है। Kurukshetra
Read Also: Classic Car Show: 59वीं स्टेट्समैन विंटेज और क्लासिक कार रैली का शानदार आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशु केवल आय का साधन नहीं है, बल्कि हमारे परिवार के सदस्य हैं। यह प्रदर्शनी पशुपालकों की मेहनत, धैर्य और समर्पण की प्रदर्शनी है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी हमें याद दिलाती है कि स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान और सशक्त गांव ही विकसित भारत और विकसित हरियाणा की पहचान है। Kurukshetra
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश में दूध उत्पादन में हरियाणा का योगदान 5.19 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना का शुभारंभ किया गया था। वर्ष 2025-26 के दौरान 1 लाख एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन को आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना हमारा स्पष्ट दृष्टिकोण है। प्रदेश में पशुपालकों के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पशुधन क्रेडिट कार्ड भी प्रदान किए जाते हैं। Kurukshetra
Read Also: Delhi News: गीजर फटने से एक शख्स की मौत, पत्नी घायल
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत 35000 से अधिक पशुधन इकाइयां स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना के तहत सहकारी दूध उत्पादकों को 70 करोड रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। 20 या उससे अधिक पशुओं की हाईटेक डेयरी स्थापित करने के लिए 5 वर्षों तक बिना ब्याज के ऋण दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सामूहिक पशुधन बीमा योजना के तहत 15 लाख 33 हजार पशुओं का बीमा किया गया है।
