Russia: रूस के एक विश्वविद्यालय में एक नाबालिग द्वारा किए गए चाकू हमले में घायल हुए चार भारतीय मेडिकल छात्र “स्थिर हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं।” भारतीय दूतावास ने रविवार 8 फरवरी को ये बताया। दरअसल, रूस की राजधानी से लगभग 1,200 किलोमीटर पूर्व में स्थित बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के ऊफ़ा में शनिवार 7 फरवरी को स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए चाकू हमले में कम से कम छह लोग घायल हुए थे, जिनमें ये चार भारतीय भी शामिल थे। कजान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने रविवार 8 फरवरी को उन चारों छात्रों से अस्पताल में मुलाकात की, जहां उन्हें हमले की घटना के बाद ले जाया गया था।
भारतीय दूतावास ने कहा, “वे स्थिर हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं। हमारे वाणिज्य दूतावास के अधिकारी ने आज अस्पताल में उनसे मुलाकात की और छात्रावास में अन्य छात्रों से भी मिले। हम उनके साथ नियमित संपर्क में हैं।” हमलावर एक स्थानीय स्कूल के कक्षा नौ के 15 साल के छात्र ने चाकू से लैस होकर ऊफ़ा के रेपिना स्ट्रीट स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्रावास में प्रवेश किया और वहां रहने वाले छात्रों पर हमला किया। Russia Russia
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गिरफ्तारी का विरोध करते हुए हमलावर ने दो पुलिस अधिकारियों और छात्रावास के गार्ड को भी घायल कर दिया। हमलावर किशोर ने बाद में खुद को चोट पहुंचाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बश्कोर्तोस्तान की आधिकारिक समाचार एजेंसी, बशिनफॉर्म ने ये जानकारी दी। Russia
समाचार सेवा के अनुसार बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के अभियोजक कार्यालय और संघीय जांच समिति की स्थानीय शाखा ने शिक्षण संस्थान के अधिकारियों और किशोर अपराध रोकथाम प्रणाली की एजेंसियों के खिलाफ कर्तव्य में घोर लापरवाही का मामला दर्ज किया है। बशिनफॉर्म ने बताया, “उनके पास 15 साल के हमलावर के असामान्य व्यवहार के लक्षणों और उसके सामाजिक रूप से खतरनाक स्थिति में होने की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसके साथ निवारक और सामाजिक-शैक्षणिक कार्य करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए।”
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इस बीच बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के प्रमुख रदी खाबिरोव ने शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा को और सख्त करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने बताया कि उसने भारतीय छात्रों के इलाज पर व्यक्तिगत नियंत्रण कर लिया था और वो भारतीय दूतावास और पीड़ितों के परिजनों के संपर्क में था। शनिवार को बाजा चैनल ने दावा किया कि हमलावर एक प्रतिबंधित नव-नाज़ी संगठन से जुड़ा था। चैनल ने कहा, “वो प्रतिबंधित एनएस/डब्ल्यूपी नव-नाज़ी संगठन से संबंधित था। हमले के दौरान वो होलोकॉस्ट के बारे में राष्ट्रवादी नारे लगा रहा था।” चैनल ने पीड़ितों के खून से दीवार पर बने स्वास्तिक की एक तस्वीर भी साझा की।
