Indian Railways : मध्य प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज नई दिल्ली से वर्चुअली दो नई एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये ट्रेनें न केवल मध्य प्रदेश को उत्तर प्रदेश और झारखंड से जोड़ेंगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को भी रफ़्तार देगी।रेल भवन, नई दिल्ली से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भोपाल-धनबाद-भोपाल (त्रि-साप्ताहिक) और भोपाल-चोपन-भोपाल (साप्ताहिक) एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ किया। भोपाल रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।Indian Railways Indian Railways Indian Railways Indian Railways
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ट्रेन नंबर 11631/32 (भोपाल-धनबाद): यह ट्रेन 30 स्टेशनों पर रुकेगी, जो विदिशा, बीना, सागर और कटनी जैसे शहरों को सीधे झारखंड के कोयला क्षेत्रों से जोड़ेगी।ट्रेन नंबर 11633/34 (भोपाल-चोपन): यह साप्ताहिक सेवा सिंगरौली और चोपन के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी.दोनों ही ट्रेनों में 24 कोच होंगे, जिनमें AC, स्लीपर और जनरल क्लास की सुविधा उपलब्ध है।रेल मंत्री ने सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापारियों के लिए भी बड़ा ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि दनकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत (गुजरात) तक एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) बनाया जा रहा है, जो मध्य प्रदेश से होकर गुजरेगा।अश्विनी वैष्णव ने कहा कि “यह 2,052 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास की नींव बनेगा। इसके जरिए राज्य सीधे गुजरात और महाराष्ट्र के बड़े बंदरगाहों, जैसे हजीरा, मुंद्रा और अपकमिंग वधावन पोर्ट से जुड़ जाएगा। इससे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में तेजी आएगी और रसद लागत कम होगी।आंकड़ों की बात करें तो मध्य प्रदेश में रेल विकास के लिए वर्तमान में 1,18,379 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं।
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इंदौर-मनमाड नई लाइन: ₹18,000 करोड़ की लागत से मंजूरी।इटारसी-नागपुर चौथी लाइन: ₹5,400 करोड़ का निवेश।सुरक्षा चक्र: राज्य में 4,591 किलोमीटर पर ‘कवच’ (Kavach) सिस्टम लागू करने की योजना है।स्टेशन पुनर्विकास: ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 80 स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सौगात के लिए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सिंगरौली के लिए दैनिक रेल कनेक्टिविटी और झारखंड-बिहार के साथ सीधा संपर्क यहाँ के व्यापारियों और छात्रों के लिए भविष्य का रास्ता खोलेगा।
