Government of India: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण भारत सरकार अलर्ट मोड पर है, क्योंकि इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ेगा, जिससे रुपये पर दबाव पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का 88-89% तेल आयात करता है, और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
भारत पर प्रभाव
तेल की कीमतें बढ़ने से रुपये पर दबाव पड़ सकता है, जिससे इसका मूल्य गिर सकता है। तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई भी बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों को महंगी चीजें खरीदनी पड़ सकती हैं। साथ ही तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का व्यापार घाटा बढ़ सकता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
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सरकार की तैयारी
सरकार ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई है। सरकार तेल की कीमतें बढ़ने से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कदम उठा सकती है। सरकार ने तेल की कीमतें बढ़ने से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग करने का फैसला किया है। साथ ही सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स कम करने का भी विचार किया है, जिससे आम लोगों को राहत मिल सके।
