Parliament: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की हंगामेदार शुरुआत हुई है।आज बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हुआ और पहले दिन ही दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सदन के बाहर भी विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। संसद में विपक्ष ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा संकट पर बड़ी बहस की मांग की है, खासकर ईरान-इजरायल-यूएस के बीच बढ़ते तनाव और इसके भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर तुरंत चर्चा की मांग की गई। Parliament:
Read Also: एक्साइज पॉलिसी: दिल्ली HC ने डिस्चार्ज के खिलाफ CBI की अर्जी पर केजरीवाल-सिसोदिया का स्टैंड मांगा
वही विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारी हंगामे और शोरगुल के बीच मिडिल ईस्ट के हालात पर संसद में अपना बयान दिया।विदेशमंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी और जोर दिया कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्री ने बताया कि सरकार ने वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं,विदेशमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति और बातचीत के पक्ष में है, और क्षेत्र में स्थिरता के लिए प्रयासरत है।Parliament:
लेकिन सदन में हंगामा तब और तेज हो गया जब विपक्ष ने मांग की कि इस मुद्दे पर सिर्फ बयान नहीं, बल्कि पूरी चर्चा होनी चाहिए। कई सांसद वेल में आ गए, नारे लगाए। सदन की कार्रवाही का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही का समय बर्बाद करने का आरोप लगाया।Parliament:
Read Also: Uttarakhand Budget: ज्ञान मॉडल से समग्र विकास का रोडमैप, गरीब-युवा-किसान-महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस
वही सदन के बाहर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मिडिल ईस्ट के मुद्दे पर संसद में खुली चर्चा से बच रही है। भारी हंगामें के चलते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए रिमूवल नोटिस पर आज चर्चा नही हो पायी। विपक्ष के 118 सांसदों के हस्ताक्षर वाले नोटिस में ने स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है, जिसमें राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं को बोलने के अवसर न देने, कुछ सांसदों को निलंबित करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। यह प्रस्ताव आज सदन में आने वाला था और इस पर बहस होने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन जोरदार हंगामे और अन्य मुद्दों के कारण स्पीकर के रिमूवल नोटिस पर आज चर्चा नहीं हो पाई।अब इस मुद्दे पर अगले 2 दिन चर्चा होगी।इसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसद हिस्सा लेंगे।Parliament:
