Delhi: शहरी भारत को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा देने की तैयारी में जुटी सरकार

Delhi:
Delhi: राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आज नीति निर्धारकों और गैस क्षेत्र के दिग्गजों की महत्त्वपूर्ण बैठक हुई है।बैठक में पीएनजी यानी ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ के नेटवर्क को घर-घर पहुँचाने की रणनीति पर चर्चा हुई है। इस बैठक में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शिरकत की है।बैठक में  यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र और ओडिशा समेत कई राज्यों के मंत्री शामिल रहे है। Delhi:
​बैठक के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया कि पीएनजी, एलपीजी (LPG) के मुकाबले अधिक सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल है। हालांकि, जमीन पर पाइपलाइन बिछाने में आने वाली चुनौतियों जैसे—नगर निगम की अनुमति में देरी और ‘राइट ऑफ वे’ (RoW) शुल्क पर भी विस्तार से चर्चा हुई है।​केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि​”शहर हमारी अर्थव्यवस्था के इंजन हैं। पीएनजी विस्तार के लिए हमें ‘मिशन मोड’ में काम करना होगा। अब सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और शहरी नियोजन में गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी जाएगी।“Delhi:
​वहीं, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राज्यों को सलाह दी कि वे कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाएं। उन्होंने विशेष रूप से स्कूलों और कॉलेजों जैसे सार्वजनिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी से जोड़ने का सुझाव दिया है। बैठक के बड़े फैसले: ​सिंगल विंडो सिस्टम: अब रोड-कटिंग और पाइपलाइन बिछाने की अनुमति के लिए लंबी कतारें नहीं लगानी होंगी। नोडल ऑफिसर: हर राज्य और नगर निगम में एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा जो समस्याओं का तुरंत समाधान करेगा। ​रोड रेस्टोरेशन शुल्क: पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत के शुल्क को तर्कसंगत बनाया जाएगा।Del hi:
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आज की इस बैठक से यह साफ है कि सरकार अब एलपीजी सिलेंडर के बजाय सीधे पाइप से रसोई तक गैस पहुँचाने की तैयारी में है। अगर ये 50 लाख कनेक्शन का लक्ष्य समय पर पूरा होता है, तो यह शहरी जीवन को और भी सुगम बना देगा।वही पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर अंतर मंत्रालय समूह की ओर से अपडेट जानकारी  दी गयी है। देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। Delhi:
कल 54 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए है।वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 70% तक बढ़ा दिया गया है।14 मार्च 2026 से वाणिज्यिक संस्थाओं द्वारा 33,781 मीट्रिक टन गैर-घरेलू एलपीजी की खरीद की गई है।वही अब तक 938 से अधिक भारतीय नाविक सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट चुके हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 शामिल हैं।जबकि निकासी और उड़ान संचालन जारी रहने के कारण लगभग 5 लाख यात्री भारत लौट आए हैं । Delhi:

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