हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रवेश कर में हाल ही में की गई बढ़ोतरी के विरोध में हुए धरने के कारण शनिवार को किरतपुर साहिब-मनाली मुख्य राजमार्ग लगभग 7 घंटे तक अवरुद्ध रहा। ये प्रदर्शन देहनी गांव के टी-पॉइंट पर हुआ और इसमें पंजाब के अलग-अलग संगठनों, हिमाचल प्रदेश टैक्सी यूनियन और पूर्व विधायक अमरजीत सिंह संधोआ ने भाग लिया।HIMANCHAL
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पंजाब सरकार के मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विरोध स्थल का दौरा कर अपना समर्थन जताया और प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिया कि उन्होंने इस मामले पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से पहले ही चर्चा कर ली है। मंत्री बैंस ने चेतावनी दी कि यदि हिमाचल सरकार इस मुद्दे को हल करने के लिए फौरन कदम नहीं उठाती है तो पंजाब सरकार हिमाचल से प्रवेश करने वाले वाणिज्यिक वाहनों पर पारस्परिक कर लगा सकती है।HIMANCHAL
प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों वाली एक समिति हिमाचल प्रदेश के परिवहन मंत्री और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से बातचीत करने वाली है और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए पंजाब विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने कर बढ़ोतरी को गलत बताया। मनाली टैक्सी यूनियन के अभय ठाकुर ने बताया कि वाहन पहले से ही ग्रीन टैक्स, परमिट शुल्क और दूसरे शुल्क अदा करते हैं, इसलिए अतिरिक्त प्रवेश कर अनुचित है। पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रवेश कर लगाने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की और “एक राष्ट्र, एक कानून” के सिद्धांत का हवाला देते हुए इसकी वैधता पर सवाल उठाया।HIMANCHAL
लंबे समय तक चले अवरोध के कारण भीषण यातायात जाम हो गया, जिससे यात्रियों, स्कूल बसों और एम्बुलेंस को परेशानी हुई। व्यवधान के बावजूद आपातकालीन वाहनों को गुजरने की इजाजत दी गई है। ये प्रदर्शन सुबह 10:00 बजे से शाम 4 बजे तक जारी रहा। हालांकि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने के लिए मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के मंत्रियों के साथ एक बैठक तय की गई है।HIMANCHAL
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