Delhi: देश के आठ प्रमुख शहरों में जनवरी-मार्च तिमाही में आवासीय बिक्री चार प्रतिशत घटकर 84,827 इकाई रह गई। संपत्ति की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया संघर्ष से बाजार में अनिश्चितता इसकी मुख्य वजह रही। संपत्ति परामर्श कंपनी नाइट फ्रैंक ने यह जानकारी दी। आवासीय बिक्री जनवरी-मार्च 2025 में 88,361 इकाई रही थी। मुंबई, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और पुणे में आवासीय संपत्तियों की बिक्री घटी जबकि अन्य पांच शहरों बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद तथा कोलकाता में वृद्धि दर्ज की गई। Delhi:
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नाइट फ्रैंक इंडिया के अंतरराष्ट्रीय साझेदार, चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि आवासीय मांग में नरमी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि इससे पहले कई वर्षों तक बाजार में लगातार तेजी देखी गई थी।उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि यह मजबूत वृद्धि के बाद आंशिक रूप से स्वाभाविक स्थिरता हो सकती है, लेकिन कीमतों में लगातार वृद्धि एवं बिक्री मात्रा में नरमी से खरीद क्षमता तथा मांग पर दबाव बढ़ने का संकेत मिलता है।’
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बैजल ने कहा कि भू-राजनीतिक स्थिति में अस्थिरता के कारण भी आवासीय मांग में सुस्ती देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में जनवरी-मार्च के दौरान आवासीय बिक्री सात प्रतिशत घटकर 23,185 इकाई रह गई। दिल्ली-एनसीआर में बिक्री 11 प्रतिशत घटकर 12,734 इकाई जबकि पुणे में 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 12,711 इकाई रही।बेंगलुरू में आवासीय बिक्री पांच प्रतिशत बढ़कर 13,092 इकाई हो गई।
हैदराबाद में एक प्रतिशत बढ़कर 9,541 इकाई और चेन्नई में नौ प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,763 इकाई हो गई।अहमदाबाद में बिक्री दो प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,758 इकाई और कोलकाता में पांच प्रतिशत बढ़कर 4,043 इकाई रही। नाइट फ्रैंक के अनुसार जनवरी-मार्च अवधि में नई आवासीय आपूर्ति भी सालाना आधार पर दो प्रतिशत घटकर 94,855 इकाई रह गई।
