Delhi: CWC बैठक कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा, महिला आरक्षण पर U-Turn का लगाया आरोप

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Delhi: दिल्ली के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आज करीब 3 घंटे तक चली कांग्रेस वर्किंग कमेटी CWC की मैराथन बैठक के बाद, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर तीखे हमले किए हैं। संसद के आगामी विशेष सत्र से लेकर पश्चिम एशिया के संघर्ष तक, कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।Delhi

​CWC बैठक: दो बड़े मुद्दों पर चर्चा- ​जयराम रमेश ने बताया कि आज की बैठक में अहम चर्चा हुई है।​पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर कांग्रेस ने एक औपचारिक प्रस्ताव भी पारित किया है।Delhi:

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महिला आरक्षण विधेयक पर ​कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने लोकतंत्र की मर्यादा को ताक पर रख दिया है। जयराम रमेश ने कहा कि ​कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 16 से 30 मार्च के बीच संसदीय कार्य मंत्री को तीन पत्र लिखे।​इनमें विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की ओर से मांग की गई थी कि संविधान संशोधन बिल पर आम सहमति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए लेकिन इस मांग को पूरा नही किया गया।Delhi:

कांग्रेस ने मांग की थी कि 5 राज्यों के चुनाव के बीच यह सत्र न बुलाया जाए, क्योंकि यह आचार संहिता का उल्लंघन है। जयराम रमेश ने कहा, “यह उचित नहीं है कि चुनावों के बीच पीएम मोदी संविधान संशोधन का श्रेय लें।”Delhi:

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​सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाया है, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि उन्हें अब तक कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है कि संविधान में क्या बदलाव होने जा रहे हैं।हमें खबरों से महिला आरक्षण की बात पता चल रही है, लेकिन असलियत कुछ और है।”​महिला आरक्षण और अनुच्छेद 334(A) का पेंच जयराम रमेश ने तकनीकी पहलुओं को उजागर करते हुए सरकार को घेरा है।जयराम रमेश ने कहा कि ​सितंबर 2023 में अनुच्छेद 334(A) पारित हुआ था, जो कहता है कि आरक्षण जनगणना और परिसीमन के बाद ही लागू होगा।जयराम रमेश ने कहा कि ​अगर यह संशोधन मात्र 30 महीने पहले हुआ था, तो ऐसी क्या मजबूरी थी कि चुनाव के बीच फिर से विशेष सत्र बुलाया जा रहा है?Delhi:

​कांग्रेस का स्टैंड साफ करते हुए जयराम रमेश ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त बिना जनगणना/परिसीमन के तुरंत लागू किया जाना चाहिए।​कांग्रेस का दावा है कि विवाद महिला आरक्षण पर नहीं है क्योंकि उस पर सभी दल सहमत हैं), बल्कि असली मुद्दा ‘परिसीमन’ का है, जिसकी जानकारी सरकार साझा नहीं कर रही है।Delhi

जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस के निरंतर दबाव का ही नतीजा है कि पीएम मोदी को U-Turn लेना पड़ा है।जयराम रमेश ने कहा कि​”जो प्रधानमंत्री जातिगत जनगणना की मांग करने वालों को ‘अर्बन नक्सल’ कहते थे, उन्होंने अब झुकते हुए 2026 में जातिगत जनगणना करवाने की घोषणा कर दी है।”बहरहाल अब देखना यह होगा कि 16 अप्रैल से शुरू हो रहे इस विशेष सत्र में सरकार क्या पत्ते खोलती है और विपक्ष की इन आपत्तियों का जवाब कैसे देती है।Delhi:

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