West Bengal: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने आई-पीएसी के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को 10 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया है। उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। ईडी ने चंदेल को सोमवार 13 अप्रैल की देर शाम पश्चिम बंगाल के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मामले में पकड़ा। पूछताछ के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की हिरासत में भेजा गया।
इससे पहले दो अप्रैल को ईडी ने दिल्ली, बेंगलुरू और मुंबई में कई जगहों पर छापेमारी की थी। इसमें आई-पीएसी से जुड़े बाकी अधिकारियों और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता विजय नायर के दफ्तर भी शामिल थे। आई-पीएसी साल 2021 से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और पश्चिम बंगाल सरकार को चुनावी सलाह दे रही है। अभी तक संगठन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। टीएमसी के नेता अभिषेक बनर्जी ने इस गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव से ठीक पहले ऐसी कार्रवाई निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर असर डाल सकती है।
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West Bengal- वहीं, ममता बनर्जी ने पहले ईडी के आरोपों को गलत बताया था। ईडी का दावा है कि जांच के दौरान उनके अधिकारियों के काम में बाधा डाली गई, जबकि राज्य सरकार ने इसे खारिज किया है। ये मामला 2020 में दर्ज सीबीआई की एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आसनसोल और आस-पास के इलाकों में कोयला चोरी और तस्करी से करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप है। ईडी के अनुसार, इस मामले में हवाला के जरिए आई-पीएसी से जुड़ी कंपनी को पैसों का लेनदेन कराया गया था। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं।
