WHO: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला के एक दुर्लभ स्ट्रेन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। इस स्ट्रेन के कारण डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, रविवार को संगठन ने इस प्रकोप को ‘महामारी’ का नाम देने से परहेज़ किया। 16 मई 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारियों ने कांगो के पूर्वोत्तर इटुरी प्रांत में इबोला के 246 संदिग्ध मामले दर्ज किए, प्रयोगशाला द्वारा पुष्ट 8 संक्रमण और 80 संदिग्ध मौतों की रिपोर्ट भी दर्ज हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में बूनिया, र्वाम्परा और मोंगब्वालु स्वास्थ्य क्षेत्र शामिल हैं।
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WHO ने चेतावनी दी है कि संक्रमण की वास्तविक स्थिति इन आंकड़ों से कहीं अधिक गंभीर हो सकती है, क्योंकि जांचे गए नमूनों में पॉजिटिव होने की दर काफी अधिक है और संदिग्ध मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिनेवा स्थित इस वैश्विक स्वास्थ्य संस्था ने एक बयान में कहा, “WHO यह निर्धारित करता है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में बुंडिबुग्यो वायरस के कारण होने वाली इबोला बीमारी ‘अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ (PHEIC) है, लेकिन यह ‘महामारी आपातकाल’ के मानदंडों को पूरा नहीं करती।”
