संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन आज लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जोरदार घमासान देखने को मिला।वही संसद में सरकार ने नीट मुद्दे पर चर्चा का दाव चल दिया और संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में बयान दिया है।
विपक्ष ने आज पेपर लीक, NEET विवाद और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे को आज संसद में जोरदार तरीके से उठाया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी की, कई बार की रुकावट के बाद सदन की कार्रवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं संसद में सरकार ने नीट मुद्दे पर चर्चा का दाव चल दिया और संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में बयान दिया कि सरकार NEET मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है पर नियम और समय सभापति तय करेंगे।
इस बीच सदन में हंगामा जारी रहा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से कहा कि जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है फिर आप क्यों तैयार नही है। इस दौरान लोकसभा में कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने स्थगन प्रस्ताव के तहत चर्चा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा घोटालों की जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
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विपक्ष ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, कोचिंग माफिया और अधिकारियों पर छूट दी जा रही है। वहीं अखिलेश यादव ने भी सदन में तीखी नोकझोंक की, जिसके बाद सदन में हंगामा बढ़ गया। सदन को स्थगित कर दिया गया। इससे पहले विपक्षी नेताओं ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे। कल के प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सदन के बाहर सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि NEET पेपर लीक पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है, लेकिन विपक्ष नियमों का पालन करे। सड़क पर हंगामा करने के बजाय सदन में चर्चा होनी चाहिए। इधर राज्यसभा में भी नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्ष ने हंगामा किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तक कोई चर्चा नहीं होगी। बहरहाल दिन भर की कार्यवाही बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है।
