Teachers Day: शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से खास बातचीत की है। इस वर्ष देशभर से 82 उत्कृष्ट शिक्षकों और शिक्षाविदों को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है, जिनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े शिक्षक शामिल हैं।
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता टीचर्स से संवाद किया है। इस दौरान पीएम मोदी और शिक्षकों के बीच दिलचस्प संवाद देखने को मिला है। Teachers Day
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इस दौरान पीएम मोदी ने पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए कोई सुझाव मांगा। इस पर एक शिक्षिका ने जवाब दिया, “सबसे पहले, आपमें आत्मविश्वास होना चाहिए।
नवाचार और रचनात्मकता पर चर्चा: संवाद के दौरान शिक्षकों ने कक्षा शिक्षण को अधिक रुचिकर और प्रभावी बनाने के लिए अपने-अपने अनोखे प्रयोग साझा किए।
बचपन और जिज्ञासा की सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने कहा कि हर बच्चे का मूल स्वभाव जिज्ञासा से भरा होता है। शिक्षकों का दायित्व है कि वे बचपन की मासूमियत को सुरक्षित रखते हुए बच्चों की इस जिज्ञासा को सही दिशा दें। Teachers Day
बदलते सामाजिक परिवेश में भूमिका: संयुक्त परिवारों के कम होते प्रभाव का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने जोर दिया कि बच्चों के व्यवहारिक और सामाजिक विकास में शिक्षकों की जिम्मेदारी अब पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों के दैनिक जीवन और व्यवहार पर नजर रखने की अपील की है।
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नशे के प्रति सतर्कता: पीएम ने शिक्षकों का ध्यान युवा छात्रों में बढ़ती नशीली दवाओं की लत की ओर आकर्षित किया। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों के व्यवहार में आ रहे बदलावों को पहचानें, उनके कारणों को समझें और उन्हें इस दलदल से बाहर निकालने में मदद करें। Teachers Day
स्क्रीन टाइम की समस्या: बच्चों में बढ़ते मोबाइल और स्क्रीन टाइम को चिंताजनक बताते हुए प्रधानमंत्री ने अभिभावकों के साथ मिलकर काम करने का सुझाव दिया। पीएम ने कहा कि बच्चों को खेलकूद, शारीरिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों से जोड़कर ही स्क्रीन की आदत से दूर रखा जा सकता है।
व्यावहारिक शिक्षा और ‘श्रम की गरिमा’: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बच्चों को बाहरी दुनिया से जोड़ने और उनमें ‘श्रम की गरिमा’ जैसे नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर विशेष बल दिया।
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बातचीत में शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने वाले मार्गदर्शक के रूप में नहीं, बल्कि बच्चों के चरित्र निर्माण और सुरक्षित भविष्य के संरक्षक के रूप में रेखांकित किया गया। Teachers Day
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