Business & Economy: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 238 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा हुआ। ईंधन की ऊंची कीमतों, विदेशी मुद्रा विनिमय में नुकसान और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का कंपनी के लाभ पर प्रतिकूल असर पड़ा।Business & Economy
कंपनी को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में 2,176.3 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ हुआ था। कंपनी की ओर से गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 25,614.1 करोड़ रुपये हो गई जो एक वर्ष पहले की समान अवधि में 21,542.6 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कंपनी के कुल खर्च में भी वृद्धि हुई।
बयान में कहा गया, ‘‘ईंधन की कीमतों में वृद्धि, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में प्रतिकूल उतार-चढ़ाव तथा पश्चिम एशिया में संघर्ष का तिमाही की लाभप्रदता पर संयुक्त असर पड़ा जिससे 2.4 अरब रुपये (238 करोड़ रुपये) का शुद्ध घाटा हुआ।’’ इंटरग्लोब एविएशन इंडिगो की मूल कंपनी है। घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत से अधिक है। इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया ने कहा कि पहली तिमाही में परिचालन माहौल चुनौतीपूर्ण रहा। ईंधन की ऊंची लागत और पश्चिम एशिया में नेटवर्क संबंधी बाधाओं का कंपनी की लाभप्रदता पर असर पड़ा।Business & Economy
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उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद मांग मजबूत बनी रही और बेहतर प्रतिफल तथा ग्राहकों की लगातार बढ़ती पसंद के कारण हमारी आय में सालाना आधार पर वृद्धि हुई। इस दौरान हमने 3.1 करोड़ से अधिक यात्रियों को सेवाएं प्रदान कीं।’’भाटिया ने कहा कि ईंधन लागत में वृद्धि और रुपये में गिरावट के कारण पहली तिमाही में कंपनी को लगभग 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा, ‘‘निकट अवधि में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं लेकिन हम नेटवर्क को मजबूत करने, ग्राहकों के लिए विकल्प बढ़ाने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की अपनी रणनीति पर कायम हैं।’’Business & Economy
