Punjab :कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा कौन करेगा। मानसा और संगरूर की घटनाओं का जिक्र कर पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
News Desk: पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को इस मामले पर आम आदमी पार्टी की सरकार को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा नहीं हो रही है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि राज्य में हालात ऐसे बन गए हैं कि नशे के खिलाफ शिकायत करने वाला व्यक्ति ही आरोपी बन जाता है। राहुल गांधी ने मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि वह ‘नशा रोको, रोजगार दो’ अभियान के जरिए नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। झोटा को 13 अक्टूबर को मानसा में दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। घटना के समय वह फेसबुक लाइव कर रहे थे। इस हत्याकांड के बाद पंजाब में नाराजगी बढ़ गई और 15 अक्टूबर को विभिन्न संगठनों के समर्थन से पंजाब बंद का आह्वान किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने इस घटना को पंजाब में नशे की समस्या और उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगा।Punjab
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राहुल गांधी ने अपने संदेश में संगरूर की दो घटनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में एक मजदूर गुलजार सिंह का मामला उठाया। राहुल के मुताबिक, गुलजार सिंह ने गांव में नशे की समस्या को लेकर एक मंत्री के सामने सवाल उठाया था। उनके परिवार का आरोप है कि इसके बाद उन पर माफी मांगने के लिए दबाव बनाया गया और बाद में उन्होंने अपनी जान दे दी। राहुल गांधी ने इस मामले में परिवार के आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। उन्होंने संगरूर में ही नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले मोहनजीत सिंह से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया और हिरासत में यातना दिए जाने के आरोपों की बात कही। राहुल के अनुसार, यह मामला हाईकोर्ट में है। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़े आरोपों और उनकी कानूनी स्थिति को लेकर संबंधित पक्षों के बयान तथा अदालत की कार्यवाही महत्वपूर्ण हैं। राहुल गांधी ने इन मामलों को आधार बनाकर आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को सुरक्षा और न्याय मिलने के बजाय मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सरकार को जवाब देना चाहिए और शिकायत करने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।Punjab
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कांग्रेस नेता ने परविंदर सिंह झोटा के मामले में भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झोटा की ओर से शिकायत किए जाने के बाद एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन बाद में उन्हें भी आरोपी बना दिया गया। राहुल गांधी ने इसी संदर्भ में कहा कि जिस व्यवस्था में शिकायत करने वाला ही मुलजिम बन जाए, वहां नशे के कारोबार में शामिल लोगों के बेखौफ रहने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा सवाल किया कि नशे के खिलाफ लड़ने वालों की हिफाजत कौन करेगा। राहुल ने कहा कि पंजाब के युवाओं का भविष्य नशे की समस्या से प्रभावित हो रहा है और इसे खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने झोटा हत्याकांड में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस की लापरवाही के आरोपों के बीच मानसा के संबंधित थाने की एसएचओ को निलंबित भी किया गया है। ऐसे में इस हत्याकांड की जांच, पुलिस की जवाबदेही और नशे के खिलाफ अभियान को लेकर पंजाब सरकार पर दबाव बढ़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि नशे के कारोबार को खत्म करने और पंजाब के युवाओं का भविष्य बचाने के मुद्दे पर कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।Punjab
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