6th Navratri: माँ कात्यायनी की पूजा कैसे करें, क्या भोग लगाएं और क्या सावधानियां रखें?

6th Navratri

6th Navratri: आज है नवरात्रि के छठा दिन और इस दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं माँ कात्यायनी के स्वरूप, पूजा विधि और इस दिन क्या करें और क्या न करें ? सबसे पहले हम जानेंगे कि मााता के इस रूप के बारे में यानी माँ कात्यायनी कौन हैं? 6th Navratri

धार्मिक कथाओं के अनुसार महर्षि कात्यायन ने कठिन तपस्या की थी, और उनके यहाँ पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इनका नाम ‘कात्यायनी’ पड़ा। माँ कात्यायनी का यह स्वरूप बेहद दिव्य और तेजस्वी है। इनकी चार भुजाएँ हैं—एक हाथ में तलवार, दूसरे में कमल का फूल, और बाकी दो हाथ अभयमुद्रा और वरदमुद्रा में सुशोभित हैं। इनकी सवारी शेर है।

Read Also: Haryana में निवेश के लिए CM नायब सैनी का स्वीडिश कंपनियों को न्योता, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027 में शामिल होने की अपील

ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं। भगवान कृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए गोपियों ने ब्रज में इन्हीं की पूजा और कात्यायनी व्रत की थी। यह बृहस्पति ग्रह को नियंत्रित करती हैं और भक्तों को शक्ति, साहस तथा योग-सिद्धि प्रदान करती हैं। 6th Navratri

छठे नवरात्रि पर कैसे करें माँ कात्यायनी की पूजा: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनें, क्योंकि ये रंग माता को अत्यंत प्रिय हैं। इसके बाद माता कात्यायनी की मूर्ति या चित्र को चौकी पर स्थापित करें और गंगाजल से शुद्ध करें। माता को लाल पुष्प विशेष तौर पर लाल गुलाब या गुड़हल, कुमकुम, अक्षत, सिंदूर और श्रृंगार का सामान अर्पित करें। प्रसाद में माता को शहद का भोग लगाना इस दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इसके अलावा फल और मिठाई भी चढ़ाएं। पूजा के दौरान माता के (चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी या फिर सरल मंत्र: ॐ देवी कात्यायनी नमः) इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना चाहिए। 6th Navratri

Read Also: Reliance Power पर ED की बड़ी कार्रवाई, ₹2,033 करोड़ की संपत्तियां जब्त करने का आदेश; शेयर में 5% से ज्यादा गिरावट

इस दिन क्या करें?

  • शहद का भोग: माँ को शहद अवश्य अर्पित करें और बाद में उसे प्रसाद रूप में ग्रहण करें।
  • दान-पुण्य: यदि संभव हो, तो जरूरतमंदों को लाल फल, वस्त्र या पीली वस्तुएं दान करें।
  • संयम और शांति: मन को शांत रखें, किसी से कड़वा न बोलें और पूरा दिन भक्तिभाव में व्यतीत करें।

इस दिन क्या न करें?

  • क्रोध और असत्य: किसी से झूठ न बोलें, अपशब्दों का प्रयोग न करें और गुस्सा करने से बचें।
  • तामसिक भोजन: यदि आप व्रत नहीं भी हैं, तब भी तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज, मांसाहार आदि) से पूरी तरह दूर रहें।
  • आलस्य: सुबह देर तक सोने से बचें। नवरात्रि के दिनों में सुबह जल्दी उठकर पूजा-पाठ का नियम बनाए रखें।

आपको और आपके पूरे परिवार को छठे नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं! 6t

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *