Bollywood : टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद बिश्नोई गैंग के जिम्मेदारी लेने के दावे की जांच हो रही है। ऐसे में सवाल है कि मुंबई पुलिस साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ कैसे कर सकती है और कानून इसकी इजाजत देता है या नहीं।
News Desk : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक पोस्ट में गैंग से जुड़े लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे की प्रामाणिकता और हमले में गैंग की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मुंबई पुलिस ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है और हमलावरों की भूमिका के साथ संभावित गैंग कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है। लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। ऐसे में जांच के दौरान उससे पूछताछ किए जाने की संभावना को लेकर सवाल उठ रहे हैं।Bollywood
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लॉरेंस बिश्नोई को जेल से बाहर ले जाने पर केंद्र सरकार की ओर से लगाए गए प्रतिबंध इस मामले में अहम हैं। अगस्त 2023 में उसके संबंध में आपराधिक प्रक्रिया संहिता यानी CrPC की धारा 268 के तहत आदेश जारी किया गया था। बाद में नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद इसी तरह का प्रतिबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 303 के तहत जारी किया गया। इस प्रावधान के तहत संबंधित आदेश प्रभावी रहने तक कैदी को जेल से बाहर ले जाने पर रोक लगाई जा सकती है। ऐसे में दूसरे राज्य की पुलिस के लिए उसे अपनी हिरासत में लेकर दूसरे स्थान पर ले जाना सामान्य प्रक्रिया की तरह संभव नहीं है। हालांकि, जेल से बाहर ले जाने पर रोक का मतलब यह नहीं है कि जांच एजेंसी हर परिस्थिति में जेल के भीतर पूछताछ नहीं कर सकती।Bollywood
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कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस संबंधित अनुमति और लागू नियमों का पालन करते हुए जेल में बंद आरोपी से पूछताछ करने का अनुरोध कर सकती है। वहीं, उसे जेल से बाहर लाकर हिरासत में लेने या अदालत में पेश कराने की प्रक्रिया प्रतिबंधात्मक आदेश से प्रभावित हो सकती है। टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करेगी या नहीं, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। फिलहाल जांच का अहम पहलू सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले दावे की पुष्टि करना, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका स्थापित करना और यह पता लगाना है कि वारदात के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ था या नहीं।Bollywood
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