PM मोदी और लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलॉइस – हैदराबाद हाउस में हुई मुलाकात में भारत-लिकटेंस्टाइन संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा, तकनीक, निवेश, व्यावसायिक शिक्षा और डबल टैक्स अवॉयडेंस समझौते से जुड़े मुद्दे भी अहम रहे…..
News Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के हेरिडिटरी प्रिंस एलॉइस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। प्रिंस एलॉइस अपनी पत्नी प्रिंसेस सोफी के साथ भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए। इस मुलाकात का उद्देश्य भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच पहले से जारी सहयोग को आगे बढ़ाना और साझेदारी के नए अवसर तलाशना है।PM
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विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज के मुताबिक, दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। बातचीत में कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और उद्योगों के साथ प्रशिक्षण संस्थानों के जुड़ाव जैसे विषयों पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा, डबल टैक्स अवॉयडेंस एग्रीमेंट यानी DTAA से संबंधित मुद्दे भी चर्चा में रहे। इस समझौते का उद्देश्य निर्धारित शर्तों के तहत एक ही आय पर दोनों देशों में दोहरे कराधान से राहत देना है। भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने में भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA के व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो अक्टूबर 2025 में लागू हुआ था।PM
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प्रिंस एलॉइस की इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी मुलाकातें हुईं। राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह यात्रा भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच संबंधों को नई गति देने का अवसर है। दोनों देश व्यापार, निवेश, उन्नत विनिर्माण, शिक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1993 में स्थापित हुए थे।PM
