लोक सभा अध्यक्ष ने संसद भवन परिसर में राज्य विधान मंडलों की महिला सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम को किया सम्बोधित

(प्रदीप कुमार )- Om Birla -लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज संसद भवन परिसर में संसदीय लोकतंत्र शोध और प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) द्वारा राज्य विधान मंडलों की महिला सदस्यों के लिए आयोजित प्रबोधन कार्यक्रम को सम्बोधित किया।  इस अवसर पर ओम बिरला ने कहा कि संसद भवन में 75 वर्ष पहले देश के संविधान का निर्माण हुआ जो आज भी विश्व का सबसे प्रगतिशील संविधान माना जाता था..Om Birla 
यह विचार व्यक्त करते कि देश की लोकतान्त्रिक यात्रा में संविधान ने निरंतर मार्गदर्शन किया है और देश की सामाजिक आर्थिक प्रगति की बुनियाद रखी है।ओम बिरला ने कहा कि संविधान जनता के अधिकारों और कर्तव्यों के साथ साथ राज्य के दायित्वों की बात करता है।
यह उल्लेख करते हुए कि लोकतंत्र भारत की संस्कृति और संस्कार का हिस्सा है उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही भारत की संस्कृति और सभ्यता का आधार महिलाओं का आदर और सम्मान रहा है। बिरला ने आगे कहा कि आजादी की लड़ाई, संविधान के निर्माण, और देश के निर्माण में महिलाओं का योगदान पुरुषों से किसी भी प्रकार कम नहीं रहा है।
ओम बिरला ने बताया कि भारतीय महिलाएं सहभागिता के आधार पर तेजी से नेतृत्व की भूमिका में हैं और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्र के समावेशी विकास की संकल्पना में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान दे रही हैं।उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रबोधन कार्यक्रम से सभी महिला जनप्रतिनिधियों को सभा के नियमों, परंपराओं और पद्धतियों की समुचित जानकारी मिलेगी जिससे वे अपनी अपनी सभाओं में लोक महत्व के मामलों को बेहतर तरीके से उठा सकें। ओम बिरला ने कहा कि शासन प्रणाली के विभिन्न स्तरों पर मौजूद विधायी संस्थाएं देश के लोकतांत्रिक ढांचे का आधार हैं तथा संसद और राज्य विधान मंडल जनता के विभिन्न मतों का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिरला ने चेताया कि विधायिका का प्रभावी कार्यकरण जनप्रतिनिधि के विधायी दायित्वों के कुशल निर्वहन पर निर्भर करता है।

Read also –केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर सदन में अभद्र आचरण का लगाया आरोप

ओम बिरला ने सभी जनप्रतिनिधियों को सुझाव दिया कि सदस्यों का आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे विधायिका की गरिमा बढ़े। उन्होंने विचार व्यक्त किया कि लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए सभा में विभिन्न राजनीतिक दलों को परस्पर सहयोग के साथ कार्य करना चाहिए क्योकि यही लोकतंत्र की मूल भावना है।
ओम बिरला ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्यूंकि महिला जनप्रतिनिधि आम महिलाओं के कल्याण और उनकी अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं को संवेदनशीलता से समझती हैं और इसलिए उनके विषयों को बेहतर तरीके से उठा सकती हैं। डिजिटल युग के विषय में बिरला ने कहा कि इस युग में उत्कृष्ट जनप्रतिनिधि होने के लिए इन साधनों का अधिकतम उपयोग करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि टेक्नोलॉजी के उपयोग से जनता के मुद्दों की जानकारी जनप्रतिनिधियों त्वरित गति से पहुंच सकता है।

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter. Total Tv App

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *