AI Impact Summit: सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार यानी आज 21 फरवरी को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के घोषणापत्र पर कुल 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने हस्ताक्षर किए हैं। घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क और जर्मनी भी शामिल हैं। यह कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रभावों पर आयोजित शिखर सम्मेलन को वैश्विक समर्थन को दर्शाता है। वैष्णव ने कहा कि दुनिया भर के देशों ने ‘सभी के कल्याण और सभी की खुशी’ के सिद्धांतों को मान्यता दी है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानव-केंद्रित एआई की दृष्टि को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया गया है। एआई संसाधनों, सेवाओं और प्रौद्योगिकी को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का लक्ष्य सभी देशों ने स्वीकार किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक वृद्धि के साथ सामाजिक भलाई को संतुलित करने को प्राथमिकता दी जा रही है। AI Impact Summit:
Read Also: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के केंद्र में भारतीय मूल के वकील नील कात्याल
वैष्णव ने कहा, “सिर्फ आर्थिक वृद्धि ही नहीं, सामाजिक सामंजस्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। सुरक्षा और भरोसा इस योजना के केंद्र में हैं और इन्हें मुख्य बिंदुओं में शामिल किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि एक सुरक्षित, भरोसेमंद और मजबूत एआई ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार और मानव संसाधन के विकास पर भी जोर दिया गया है। वैष्णव ने कहा, “इन सभी क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सभी देशों ने सहमति जताई है। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले अधिकांश देशों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, डेनमार्क, मिस्र, इंडोनेशिया और जर्मनी शामिल हैं।”
इस सप्ताह दिल्ली में वैश्विक प्रौद्योगिकी जगत की कई दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं, इनमें गूगल के सुंदर पिचाई, ओपनएआई के सैम अल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रैड स्मिथ और एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई शामिल हैं, जिन्होंने एआई के अवसरों और जोखिमों से लेकर एजीआई, शासन और रोजगार के भविष्य तक, तकनीकी जगत के सबसे चर्चित वैश्विक विषयों पर चर्चा की। AI Impact Summit:
