Asha Bhosle: सुरों की मल्लिका आशा भोसले का 92 वर्षीय की उम्र मे निधन हो गया है। आशा भोसले को शनिवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया था। बता दें कि आशा भोसले को बहुत ज्यादा थकान और सीने में इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कल शाम को 4 बजे उनका अंतिम संस्कार में होगा।
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उनका संगीत सफर आठ दशकों से भी अधिक का रहा है। आशा भोसले ने “पिया तू अब तो आजा”, “दम मारो दम” और “आजा आजा” जैसे जोशीले गीतों से लेकर “अभी ना जाओ छोड़ कर” जैसी रोमांटिक धुनें और “दिल चीज क्या है” और “इन आंखों की मस्ती” जैसी सदाबहार गजलों तक सभी तरह की गीत गए। 1933 में जन्मीं और अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर से संगीत में शिक्षा लेने वाली आशा भोसले ने अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ ही अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती संघर्षों और छोटे-मोटे कामों तक सीमित रहने के बावजूद उन्होंने 1950 के दशक में संगीतकार ओ. पी. नैयर के साथ मिलकर “मांग के साथ तुम्हारा” जैसे हिट गाने देकर प्रसिद्धि हासिल की और हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।Asha Bhosle:
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संगीतकार आर. डी. बर्मन के साथ काम करते हुए उनके करियर ने नई ऊंचाइयों को छुआ। उनके साथ उन्होंने “दुनिया में लोगों को” जैसे प्रतिष्ठित गीत रचे और 1960 और 1970 के दशक में फिल्म संगीत को नया आयाम दिया।दशकों तक उन्होंने पद्मिनी और वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई मशहूर अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी है।Asha Bhosle:
उनका गाया हुआ गीत “जरा सा झूम लूं मैं” गीत आज भी युवा दर्शकों के दिलों में गूंजता है।उमराव जान और रंगीला जैसी फिल्मों में उनके काम ने शास्त्रीय और समकालीन दोनों शैलियों पर उनकी महारत को दर्शाया, जबकि “तन्हा तन्हा” जैसे गीतों ने बदलते समय के साथ खुद को नए रूप में ढालने की अपनी क्षमता को उजागर किया।Asha Bhosle:
20 से अधिक भाषाओं में लगभग 12,000 गीतों के साथ, उनके विशाल संग्रह में “झुमका गिरा रे” और “नन्हे मुन्ने बच्चे” जैसे सदाबहार गीत भी शामिल हैं।आशा भोसले को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड और पद्म विभूषण सहित सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें भारतीय संगीत इतिहास में सबसे प्रभावशाली आवाजों में से एक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। Asha Bhosle:
