Bundi News: राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व रामगढ़ विषधारी अभयारण्य से एक बुरी खबर सामने आई है. टाइगर रिजर्व में एक युवा बाघ की मौत हो गई। संदेह है कि बाघ की मौत निगरानी की कमी की वजह से क्षेत्रीय लड़ाई के कारण हुई है।यहां जंगल में बाघ RVTR-4 का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है. बाघ की मौत ने रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं इस घटना ने वन्यजीव प्रेमियों को भी झकझोर कर रख दिया है. आपको बता दे कि वन्यजीव दस्ते ने छह वर्षीय बाघ आरवीटी वन के साथ संदिग्ध क्षेत्रीय लड़ाई के लगभग 18 घंटे बाद आरवीटी फोर नामक लगभग चार वर्षीय बाघ के शव को खोज निकाला।
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डॉ. तेजेंद्र सिंह रेयाद ने बताया कि मृत्यु का प्राथमिक कारण आघात, आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही हम मौत के सही कारण का पता लगा सकते हैं। वहीं, उप वन संरक्षक (डीसीएफ) अरविंद कुमार झा ने कहा कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बाघ अभयारण्यों से मादा बाघों को लाने की जरूरत है। वो काम जल्द से जल्द किया जाना चाहिए, ताकि बिगड़े अनुपात को नियंत्रित किया जा सके।
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डीसीएफ अरविंद कुमार झा का कहना है कि विशेष रूप से फीमेल टाइगर मात्र एक है क्योंकि पहले एक मर गई एक फीमेल और दो मेल हो गए थे तो इनमें टेरिटोरियल फाइट हो गई। अब आवश्यकता ये हो गई कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश टाइगर रिजर्व से जो फीमेल टाइगर लाने की है उसको जल्दी की जाए ताकि यहां का अनुपात गड़बड़ा था बाघों का वो ठीक हो सके। टाइगरों का कुनबा है वो धीरे-धीरे बढ़ता रहे।
