उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सचिवालय में अधिकारियों संग बैठक कर सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत रिवर प्रोटेक्शन कार्यों एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए हैं। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, युगल किशोर पंत एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लघु सिचांई विभाग द्वारा जल संरक्षण, संवर्द्धन एवं संभरण योजनाओं के तहत चेक डैम निर्माण, रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण एवं तालाब निर्माण किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा राज्य में 708 चेक डैम बनाये गए हैं। विभाग द्वारा ऊधम सिंह नगर, नैनीताल एवं हरिद्वार में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट की स्थापना की गई है। जिससे वार्षिक लगभग 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रीचार्ज हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि 09 वन प्रभागों में पेयजल विभाग व सारा के माध्यम से 14 जल स्रोतों के उपचार के लिए जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। कैम्पा योजना के अन्तर्गत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है।
आपको बता दें, सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत रिवर प्रोटेक्शन कार्यों एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा करते हुए CM पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को मानसून सीजन के दृष्टिगत संभावित बाढ़ से बचाव के लिए सभी सुरक्षा कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
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बैठक के दौरान CM धामी ने वन विभाग को भी निर्देश दिए कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से समुचित तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। इसके अंतर्गत आवश्यक मानव संसाधन एवं उपकरणों की उपलब्धता, वन पंचायतों एवं वन क्षेत्रों से सटे ग्रामीणों के साथ निरंतर समन्वय, फायर लाइनों की समय पर सफाई तथा वन संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को वनभूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के संबंध में भी निर्देश दिए।
