Congress: कांग्रेस पार्टी ने आगामी कानूनी चुनौतियों और रणनीतियों को लेकर अपनी कमर कस ली है। आज राजधानी में AICC के विधि, मानवाधिकार और RTI विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने की।कांग्रेस पार्टी के कानूनी मोर्चे को धार देने के लिए आज डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने देशभर से आए राज्य पैनल के वकीलों और विभाग के नेशनल एग्जीक्यूटिव पैनल के साथ मैराथन बैठक की। बैठक का मुख्य केंद्र ‘एजेंडा 2026’ रहा। Congress:
इस बैठक में साल 2026 के लिए विभाग का रोडमैप तैयार किया गया। डॉ. सिंघवी ने वकीलों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आने वाले समय में पार्टी मानवाधिकारों के संरक्षण, सूचना के अधिकार (RTI) के प्रभावी उपयोग और कानूनी लड़ाई को और भी आक्रामक तरीके से लड़ेगी। Congress:
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इस बैठक में मुख्य बिंदु जो चर्चा में रहे- एजेंडा 2026: संगठन को जिला स्तर तक कानूनी रूप से मजबूत करना।नई पहल: विभाग जल्द ही कई नई पहलों (Initiatives) की शुरुआत करने वाला है, जिससे आम जनता को कानूनी मदद आसानी से मिल सके।देशव्यापी समन्वय: सभी राज्यों के पैनल वकीलों के बीच बेहतर तालमेल बिठाना ताकि कानूनी चुनौतियों का त्वरित समाधान हो सके।बैठक के दौरान डॉ. सिंघवी ने कहा कि कानूनी विभाग केवल अदालती कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एक ढाल की तरह काम करेगा।
उन्होंने वकीलों से आह्वान किया कि वे ज़मीनी स्तर पर RTI और मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों में सक्रिय भूमिका निभाएं।इस बैठक से साफ है कि कांग्रेस 2026 के लिए एक बड़ी कानूनी रणनीति पर काम कर रही है, जहाँ वकीलों की टीम न केवल पार्टी के कानूनी मामलों को संभालेगी, बल्कि जनहित के मुद्दों पर भी सरकार को घेरेगी।
