Delhi: केंद्र सरकार ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को ‘As-is Where-is’ यानी ‘जो जहाँ है, जैसा है’ के आधार पर नियमित करने का बड़ा फैसला लिया है। अब न सिर्फ इन घरों को कानूनी मान्यता मिलेगी, बल्कि लोग अब निगम के नियमों के तहत अपने घरों का पुनर्निर्माण भी करा सकेंगे। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बड़ी घोषणा की है।दिल्ली के शहरी नक्शे को बदलने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ी घोषणा की है।Delhi:
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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के तहत दिल्ली के 45 लाख लोगों को अब अपनी संपत्ति पर पूर्ण अधिकार मिलेगा।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज दिल्लीवासियों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। 2019 में हमने PM-UDAY योजना शुरू की थी, लेकिन अब ‘As-is Where-is’ के आधार पर नियमितीकरण के फैसले से लोग बिना किसी डर के अपनी संपत्तियों का पंजीकरण करा सकेंगे।Delhi:
” आज फैसले में 1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 का नियमितीकरण संभव हो गया है।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को ‘राहत और सम्मान का नया अध्याय’ बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक 1731 में से 1511 कॉलोनियों को नियमित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।Delhi:
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि “प्रधानमंत्री ने उन परिवारों का दर्द समझा जो अपने ही घर में रहकर भी मालिकाना हक से वंचित थे। अब 24 अप्रैल से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। हमने एक सख्त समय सीमा तय की है—7 दिन में सर्वे, 15 दिन में खामियों का सुधार और 45 दिन के भीतर मालिकाना हक देने का लक्ष्य है।Delhi:
“प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहरी विकास मंत्रालय की एडिशनल सेक्रेटरी डी.थारा ने जानकारी दी है कि1511 कॉलोनियां रेगुलराइज होगी बिना ले-आउट प्लान के झंझट के ‘जो जैसा है’ वैसा ही नियमित होगा।इन कॉलोनियों के सभी प्लॉट और इमारतों को अब ‘आवासीय’ माना जाएगा । 20 वर्ग मीटर तक की छोटी दुकानें भी कुछ शर्तों के साथ वैध मानी जाएंगी।होम लोन लिया जा सकेगा और नक्शा भी मंजूर होगा- अब निवासी बैंक से लोन ले सकेंगे और MCD से नक्शा पास करवा कर घर दोबारा बनवा सकेंगे।Delhi:
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हालांकि, सरकार ने कुछ पाबंदियां भी जारी रखी हैं। यमुना खादर (Zone-O), संरक्षित वन क्षेत्र, प्राचीन स्मारकों के पास की जमीन, हाई टेंशन लाइनों के नीचे और रिज एरिया में आने वाली कॉलोनियों को इस योजना से बाहर रखा गया है। साथ ही 69 ‘पॉश’ (Affluent) अनधिकृत कॉलोनियां भी इसमें शामिल नहीं हैं।1731 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1511 अनधिकृत कॉलोनियों (जो अपवर्जन मानदंडों के अंतर्गत नहीं आती हैं) को अनुमोदित लेआउट योजनाओं की आवश्यकता के बिना “जैसा है, जहां है” के आधार पर नियमित किया जाएगा।Delhi:
इन कॉलोनियों में सभी भूखंडों और भवनों का भूमि उपयोग आवासीय माना जाएगा।20 वर्ग मीटर तक के सुविधा स्टोरों को नियमित किया जाएगा यदि उन्हें 6 मीटर का मार्ग उपलब्ध हो। 10 वर्ग मीटर तक के स्टोरों के लिए आवश्यक मार्ग की चौड़ाई 6 मीटर से कम हो सकती है।नियमितीकरण मौजूदा निर्मित संरचनाओं पर “जैसी है वैसी ही” के आधार पर लागू होगा।अनुमोदित लेआउट योजनाओं का अभाव नियमितीकरण में बाधा नहीं बनेगा।एमसीडी/स्थानीय निकाय नियमितीकरण प्रमाण पत्र जारी करेंगे, खाली भूखंडों का सर्वेक्षण करेंगे और नागरिक अवसंरचना के विकास में सहायता करेंगे।
राजस्व विभाग, जीएनसीटीडी, पात्र निवासियों को हस्तांतरण विलेख/प्राधिकरण पर्ची जारी करेगा।इस फैसले के बाद अब दिल्ली नगर निगम (MCD), DDA और दिल्ली सरकार मिलकर काम करेंगे ताकि इन कॉलोनियों में सीवर, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर की जा सकें। PM-UDAY के तहत मालिकाना दस्तावेज के साथ 24 अप्रैल से घर को ‘पक्का’ और ‘कानूनी’ बनाने की प्रक्रिया शुरू होने वाली। Delhi:
