Delhi: केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने महाराष्ट्र के पालघर में दूसरी सुरंग के सफल निर्माण के साथ बुलेट ट्रेन परियोजना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि की घोषणा की है।यह राज्य में परियोजना की पहली पर्वतीय सुरंग है।यह ‘ब्रेकथ्रू’ बुलेट ट्रेन परियोजना की रफ्तार को दर्शा रहा था। Delhi:
इसके बाद भारत माता की जय घोष के नारे गूंज उठे। पालघर के पहाड़ों को चीरते हुए जैसे ही टनल बोरिंग मशीन (TBM) का विशाल कटर बाहर निकला, वहां मौजूद इंजीनियरों और मजदूरों के चेहरे खिल उठे। यह ‘ब्रेकथ्रू’ बुलेट ट्रेन परियोजना की रफ्तार को दर्शा रहा था। इसके बाद भारत माता की जय घोष के नारे गूंज उठे। Delhi:
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पालघर जिले की सबसे लंबी सुरंगों में से एक, लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी पर्वतीय सुरंग (एमटी-5) में यह सफलता हासिल की गई है , जो विरार और बोइसर बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है।वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद रहे उन्होंने इस सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गतिशक्ति’ विजन की जीत बताया।
अश्विनी वैष्णव: “आज का यह ब्रेकथ्रू हमारे इंजीनियरों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। बुलेट ट्रेन का काम अब युद्ध स्तर पर चल रहा है। पालघर का यह सेक्शन तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हमने इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बहुत बड़ा माइलस्टोन अचीव हुआ है। यह माइलस्टोन माउंटेन टनल-5 का ब्रेक थ्रू है। रेलमंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में टोटल 7 माउंटेन टनल्स है और एक अंडर सी टनल है।वही रेल मंत्री ने जानकारी दी है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में 12 स्टेशन हैं। महाराष्ट्र में मुंबई,ठाणे, विरार,बोईसर और गुजरात में वापी, बिलीमोरा, सूरत,भरूच,वडोदरा,आणंद,अहमदाबाद और साबरमती। साबरमती और मुंबई टर्मिनल स्टेशन हैं। मुंबई का स्टेशन बीकेसी है और 3 डिपो बने हैं। Delhi:
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टनल ब्रेकथ्रू के बाद रेल मंत्री ने निर्माण स्थल का गहन निरीक्षण भी किया। उन्होंने सेफ्टी प्रोटोकॉल और काम की गुणवत्ता की जांच की। इससे पहले, ठाणे और बीकेसी के बीच लगभग 5 किलोमीटर लंबी पहली भूमिगत सुरंग सितंबर 2025 में पूरी हुई थी। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है, जिसमें सुरंगों की कुल लंबाई 27.4 किलोमीटर है, जिसमें से 21 किलोमीटर भूमिगत सुरंगें और 6.4 किलोमीटर सतही सुरंगें शामिल हैं। इस परियोजना में आठ पर्वतीय सुरंगें शामिल हैं, जिनमें से सात सुरंगें महाराष्ट्र में हैं जिनकी कुल लंबाई लगभग 6.05 किलोमीटर है, और एक 350 मीटर लंबी सुरंग गुजरात में स्थित है। Delhi:
इस टनल के बन जाने से ट्रेन की आवाजाही में समय की भारी बचत होगी और दुर्गम रास्तों को पार करना आसान हो जाएगा।रेलमंत्री ने कहा कि परियोजना पूरी होने पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा , जिससे प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों की अर्थव्यवस्थाएं आपस में जुड़ जाएंगी और एकीकृत हो जाएंगी।केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद, सड़क परिवहन की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 95 प्रतिशत की अनुमानित कमी भी आएगी। Delhi:
