Delhi: पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालातों के बीच भारत सरकार ने आज नेशनल मीडिया सेंटर में एक हाई-लेवल ब्रीफिंग की। इस बैठक मेंपेट्रोलियम, नागरिक उड्डयन, कृषि और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने देश को आश्वस्त किया है कि सरकार स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए है। चाहे वो पेट्रोल-डीजल की सप्लाई हो, किसानों के लिए बीज-खाद की उपलब्धता हो या विदेश में फंसे भारतीयों की सुरक्षा—हर मोर्चे पर सरकार मुस्तैद है।सबसे पहले बात अन्नदाताओं की। कृषि मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि खरीफ 2026 के लिए बीजों का कोई संकट नहीं है।बाजार में 185 लाख क्विंटल से ज्यादा बीज उपलब्ध हैं, जो मांग से करीब 19 लाख क्विंटल अधिक है।
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वही खाद की स्थिति पर अपडेट देते हुए बताया गया है कि उर्वरकों का ओपनिंग स्टॉक इस बार सामान्य से कहीं ज्यादा 46% है।सरकार ने राज्यों को आदेश दिए हैं कि कालाबाजारी और खाद की तस्करी पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, आलू, प्याज और टमाटर जैसी जरूरी फसलों की कीमतें नियंत्रण में हैं।दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया गया है।कीमतें स्थिर है पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस (LPG) के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं।सप्लाई चेन- 23 मार्च से अब तक 3.9 लाख से ज्यादा छोटे (5kg FTL) सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।पेट्रोलियम मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे घबराहट में आकर ‘पैनिक बाइंग’ न करें। तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
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एविएशन: हवाई किराया नहीं बढ़ेगा बेतहाशा-वैश्विक स्तर पर हवाई ईंधन (ATF) के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन भारत सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए इसकी वृद्धि को 25% तक सीमित कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि हर रोज उड़ने वाले साढ़े चार लाख यात्रियों को महंगे टिकटों से बड़ी राहत मिलेगी।
समुद्री सुरक्षा और शिपिंग-वही शिपिंग मंत्रालय ने पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद 18 भारतीय जहाजों पर सवार सभी 485 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। DG शिपिंग का कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है और अब तक 964 नाविकों की सुरक्षित घर वापसी कराई जा चुकी है।वही विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि ईरान से 1,171 भारतीयों जिनमें 818 छात्र हैं को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। खाड़ी देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं (CBSE, ICSE) और प्रतियोगी परीक्षाओं (JEE, NEET) पर आंच न आए, इसके लिए भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।स्थिति सुधरने के साथ ही सऊदी अरब, ओमान और कतर से उड़ानें संचालित हो रही हैं। हालांकि, कुवैत और बहरीन का एयरस्पेस अब भी बंद है।सरकार ने अंत में नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण की अपील की है और अफवाहों से बचने की सलाह दी है। बहरहाल पश्चिम एशिया के इस संकट काल में भारत की रणनीति साफ है—अपने नागरिकों के हितों की सुरक्षा और घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिरता बनाये रखना सरकार की प्राथमिकता है।
