Delhi: भारत ने पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई और बातचीत के जरिए तनाव कम करने की अपील की। भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक व्यापारिक जहाजों के नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।बुधवार को लंदन में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) परिषद के 36वें असाधारण सत्र के संबोधन में ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और चालक दल की सुरक्षा को खतरे में डालना “अस्वीकार्य” है।Delhi:
आईएमओ परिषद के इस दो दिवसीय सत्र में अरब सागर, ओमान सागर और खाड़ी क्षेत्र, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास समुद्री जहाजों और नाविकों पर पड़ रहे प्रभावों पर चर्चा की गई।दोरईस्वामी ने कहा, “भारत मौजूदा स्थिति को लेकर बेहद चिंतित है और कूटनीति तथा बातचीत के जरिए तनाव कम करने की अपील करता है। नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और समुद्री बुनियादी ढांचे पर हमले अस्वीकार्य हैं, क्योंकि इनके कारण निर्दोष नाविकों की जान गई है और जोखिम काफी बढ़ गया है।Delhi:
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उच्चायुक्त ने बताया कि वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 24 जहाज़ परिचालन में हैं, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 22 जहाज शामिल हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में दो जहाज हैं, जिन पर 47 नाविक सवार हैं।उन्होंने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित और मुक्त नौवहन में बाधा डालना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। दोरईस्वामी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पोत परिवहन क्षेत्र की सुरक्षा, देशों की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और नाविकों का कल्याण सर्वोपरि रहना चाहिए।
