Delhi: पश्चिम एशिया संकट पर अंतर मंत्रालय समूह की ओर से जानकारी देते हुए ईंधन आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा पर ताजा अपडेट किया गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से वरिष्ठ अधिकारी सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि LPG डिस्ट्रीब्यूटर शिप में कोई ड्राईआउट की खबर नहीं है।सभी पेट्रोल पंप नॉर्मल तरीके से चल रहे हैं।पेट्रोल पंप में भी कोई ड्राईआउट की खबर नहीं है।कल 6500 टन कमर्शियल LPG बिकी है।ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1300 अवेयरनेस कैंप लगाए हैं।Delhi:
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देश में पेट्रोल, डीजल, LPG और PNG की पर्याप्त उपलब्धता है।एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर किसी प्रकार की कमी (ड्राय आउट) की कोई सूचना नहीं है।सारे पेट्रोल पंप सामान्य रूप से चल रहे हैं।एलपीजी सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग लगभग 96% है और डीएसी या ओटीपी बेस्ड डिलिवरी लगभग 90% है।वही केंद्र सरकार ने एक नया ऑडर जारी किया है जिसमें 5 किलो एफटीएल सिलेंडर की सेल को दोगुना किया गया है।वही शिपिंग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मुकेश मंगल की ओर से जानकारी दी गयी है कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। वर्तमान में पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 16 भारतीय ध्वज वाले जहाज, जिनमें 433 नाविक सवार हैं, संचालन में हैं। शिपिंग महानिदेशालय जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर रहा है तथा स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम अब तक 5,342 से अधिक कॉल और लगभग 11,000 ईमेल संभाल चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 229 कॉल और 406 ईमेल शामिल हैं।अब तक 1,691 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जा चुकी है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 92 नाविक शामिल हैं।Delhi:
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देशभर के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और कहीं भी भीड़भाड़ की कोई सूचना नहीं है। राज्य समुद्री बोर्डों ने भी सुचारू संचालन की पुष्टि की है।मंत्रालय, नाविकों के कल्याण और निर्बाध समुद्री संचालन सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और अन्य समुद्री हितधारकों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए हुए है।पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्रालय की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।राज्यों, मिशनों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम और 24×7 हेल्पलाइन सक्रिय हैं, साथ ही नियमित एडवाइजरी जारी की जा रही है।Delhi:
VISA, ट्रांजिट और लॉजिस्टिक्स में सहायता प्रदान की जा रही है, विशेष रूप से छात्रों और भारतीय क्रू सदस्यों पर ध्यान दिया जा रहा है।जहां-जहां हवाई क्षेत्र खुला है, वहां से उड़ान सेवाएं जारी हैं। 28 फरवरी से अब तक लगभग 7.6 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं।
आज UAE से करीब 90 उड़ानों की उम्मीद है, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भी सेवाएं जारी हैं।कतर से सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं, जबकि कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र बंद है, जहां सऊदी अरब के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 1,862 भारतीयों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते आगे की यात्रा के लिए सहायता प्रदान की है, जिनमें छात्र और मछुआरे शामिल हैं।इसके अलावा, इज़राइल, इराक, कुवैत और बहरीन से भी पड़ोसी देशों के माध्यम से भारत वापसी सुनिश्चित की जा रही है।Delhi:
