Delhi News: बाहरी दिल्ली में एक परिवार के सदस्यों को भोजन में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाने और नकदी लेकर फरार होने के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार 3 मार्च को बताया कि आरोपी महिला ने इस वारदात को उसी दिन अंजाम दिया जब उसने घर में देखभाल करने वाली (केयरटेकर) के रूप में काम शुरू किया।
पुलिस के अनुसार, यह वारदात 26 फरवरी को तब सामने आई जब पश्चिम विहार स्थित एक आवास में 30,000 से 40,000 रुपये की चोरी के संबंध में पीसीआर कॉल आई। पुलिस ने बताया कि परिवार ने निहाल विहार की एक एजेंसी के माध्यम से परिवार के 59 साल के बीमार सदस्य की देखभाल के लिए महिला को काम पर रखा गया था। आरोपी ने पहले ही दिन घर के काम में हाथ बंटाने के बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “उसने परिवार के सदस्यों के लिए दोपहर का भोजन तैयार किया और परोसा। भोजन करने के बाद वे सभी संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश हो गए।” गड़बड़ी की आशंका होने पर परिवार ने पुलिस को सूचित किया। मौके का निरीक्षण करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की एक टीम को बुलाया गया और जांच के लिए भोजन के नमूने जब्त किए गए। पीड़ितों को इलाज के लिए संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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इस संबंध में 27 फरवरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। तकनीकी निगरानी के माध्यम से आरोपी की लोकेशन बरेली में मिली। पुलिस टीम ने 27 फरवरी को वहां छापेमारी कर उसे दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान महिला ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने नोएडा में अपने पिछले कार्यस्थल से छह नींद की गोलियां ली थीं, जहां उसकी देखरेख में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ऐसी दवा खाती थी। उसने चोरी के इरादे से गोलियों को पीसकर भोजन में मिला दिया था।
हालांकि, परिवार की एक नाबालिग लड़की ने भोजन नहीं खाया था, और कथित तौर पर बुजुर्ग महिला को संदेह हो गया था और उसने आरोपी को अलमारी तक नहीं जाने दिया, जिससे चोरी का दायरा सीमित रह गया। पुलिस ने कहा कि आरोपी की निशानदेही पर 20,000 रुपये नकद बरामद कर जब्त किए गए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
