Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में 53वां विश्व पुस्तक मेला शनिवार से भारत मंडपम में शुरू हो गया है। मेले की थीम ‘भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और बुद्धिमत्ता’ रखी गई है, जिसमें 35 से ज्यादा देशों के प्रकाशक पहुंचे हैं।राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से आयोजित इस सालाना पुस्तक मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया। उनके साथ स्पेन के संस्कृति मंत्री और कतर के संस्कृति मंत्री भी मौजूद थे।Delhi:
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ये मेला पहली बार सभी आयुवर्ग के लिए निःशुल्क है। इस बार का पुस्तक मेला भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना की वीरता और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को समर्पित है।नौ दिनों तक चलने वाले इस पुस्तक मेला समें 35 से ज्यादा देश के 1000 से अधिक प्रकाशक शामिल हुए है।इस बार मेले में लगभग 1000 वक्ताओं के साथ 600 साहित्यिक गतिविधियां होंगी और इसमें 20 लाख से ज्यादा आगंतुकों के आने की उम्मीद है। Delhi:
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भारत के मिलिट्री इतिहास पर फोकस करने वाली किताबें और आइडिया भारत मंडपम में चल रहे नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर में एक अलग पहचान बना रहे हैं।इस साल के बुक फेयर की सेंट्रल थीम ‘भारतीय सैन्य इतिहास: वीरता और ज्ञान @75’ है, जो सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा निभाई गई शानदार भूमिकाओं को उजागर करती है।
कई विजिटर्स के लिए, इस साल की ‘मिलिट्री हिस्ट्री’ थीम सबसे खास है।इस फेयर में 35 देशों के 1,000 से ज़्यादा पब्लिशर्स हिस्सा ले रहे हैं। पढ़ने के शौकीन लोगों और जिज्ञासु विजिटर्स के लिए, यह फेयर अलग-अलग जॉनर और भाषाओं की किताबें देखने का एक मौका है।नई दिल्ली वर्ल्ड बुक फेयर का 53वां एडिशन शनिवार को शुरू हुआ। नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह फेयर 18 जनवरी को खत्म होगा।
