Delhi: पश्चिम एशिया संघर्ष का हवाई यात्रा पर दिखा असर, ATF की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

Delhi:

Delhi: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच विमान ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से हवाई यात्रा महंगी होने की आशंका है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में बुधवार को दोगुना से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है।इससे एटीएफ की कीमत रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई। ये पहला मौका है जबकि जेट ईंधन की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार गई है। घरेलू विमानन कंपनियों के लिए एटीएफ की कीमत में 8.56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 104,927.18 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। पिछले महीने कीमत 96,638.14 रुपये प्रति किलोलीटर थी।Delhi: 

Read Also: आज से जनगणना 2027 की हो रही शुरुआत, ये दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना प्रक्रिया होगी

घरेलू विमानन कंपनियों को अन्य संचालकों की तुलना में करीब आधी कीमत चुकानी होगी। गैर-निर्धारित (नॉन-शेड्यूल्ड), तदर्थ (एडहॉक) और ‘चार्टर’ जैसी अन्य उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत 1,10,703.08 रुपये प्रति किलोलीटर से 114.5 प्रतिशत बढ़ाकर 2,07,341.22 रुपये प्रति किलोलीटर की गई है।Delhi

अधिकारियों ने बताया कि इससे हवाई किराये में बढ़ोतरी की आशंका है, क्योंकि एयरलाइन कंपनियों को अपनी बढ़ी हुई परिचालन लागत को पूरा करने के लिए किराये बढ़ाने होंगे।
कीमतों में इस भारी बढ़ोतरी से एयरलाइन की लगातार बढ़ती परिचालन लागत पर और बोझ पड़ेगा। विमानन कंपनियां पहले से ही 28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण मुश्किलों का सामना कर रही हैं। किसी भी एयरलाइन की परिचालन लागत में विमान ईंधन की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत होती है।Delhi: 

Read Also:  पंजाब की राजनीति में बड़ा उलटफेर, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष एचएस फुल्का ने थामा BJP का दामन

सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय मानकों और विनिमय दर के आधार पर एटीएफ और रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में संशोधन करती हैं।पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण विमानन कंपनियों की परिचालन लागत पहले ही बढ़ गई है।क्षेत्र में कई हवाई मार्गों पर प्रतिबंध से भारतीय विमानों को कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।ईंधन की बढ़ी कीमतों को देखते हुए, पिछले महीने भारतीय एयरलाइन कंपनियों ने टिकट पर ईंधन अधिभार लगा दिया था।Delhi: 

वहीं अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने मंगलवार को कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी उथल-पुथल के कारण हवाई किराये पहले से ही बढ़ रहे हैं।आईएटीए के महानिदेशक विली वॉल्श ने कहा, ‘‘जब तक हमें ये नहीं पता चल जाता कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध कब तक चलेगा और उसके प्रभाव कितने व्यापक होंगे, तब तक यह अनुमान लगाना असंभव है कि इसका एयरलाइन उद्योग के भविष्य पर कितना गहरा असर पड़ सकता है।’’Delhi: 

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *