दिल्ली में आज से जनगणना 2027 के पहले चरण की ऐतिहासिक शुरुआत हो रही है। यह अभियान राष्ट्रीय राजधानी में एनडीएमसी और दिल्ली छावनी बोर्ड समेत कर्नाटक, गोवा, मिजोरम, सिक्किम, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप में शुरू हो रहा है। इस दौरान घर-घर जाकर आंकड़े जुटाए जाएंगे। भारत के इतिहास में यह पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा जुटाने के लिए मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन पोर्टल्स का उपयोग किया जाएगा। census
दिल्ली में पहले चरण की जनगणना को दो समय सीमाओं में बांटा गया है 16 अप्रैल से 15 मई के बीच नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड के क्षेत्रों में सर्वेक्षण होगा। इसके बाद फिर 16 मई से 15 जून के बीच दिल्ली नगर निगम (MCD) के अंतर्गत आने वाले शेष क्षेत्रों में यह प्रक्रिया चलेगी। census
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आज से पहले चरण की शुरुआत
इस चरण में इमारतों और घरों की सूची तैयार की जाएगी। प्रगणक (enumerators) घर-घर जाकर मकान की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं (जैसे पानी, बिजली, शौचालय) और संपत्तियों से जुड़े 33 सवालों के जवाब मांगेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, जिसमें डेटा संग्रहण के लिए प्रगणक कागजों के बजाय मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा। इससे डेटा का संकलन तेज होगा ।
स्व-जनगणना (Self-Enumeration) का विकल्प: नागरिकों के पास यह सुविधा है कि वे आधिकारिक स्व-जनगणना पोर्टल पर जाकर खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। जानकारी भरने के बाद एक सेल्फ-एन्युमरेशन ID प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक के आने पर उन्हें दिखाना होगा। census
गौरतलब है, जनगणना का दूसरा और मुख्य चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें पहली बार देशव्यापी जाति जनगणना भी शामिल की जाएगी। भारत सरकार ने इस विशाल डिजिटल अभियान के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस जनगणना के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) को शुभंकर बनाया गया है। census
