FRANCE: पेरिस की सड़कों पर गुरुवार को हजारों प्रदर्शनकारी उतर आए, जबकि दूसरे शहरों में विरोध-प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई। इससे पहले सप्ताहांत में पूरे देश में बड़े पैमाने पर झड़पें, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। पेरिस में प्रदर्शन के आयोजकों ने कहा कि प्रशासनिक अदालत ने पुलिस की ओर से लगाए गए प्रतिबंध को उनकी चुनौती के बाद रद्द कर दिया। पेरिस पुलिस मुख्यालय ने इससे पहले कहा था कि सप्ताहांत में नकाबपोश युवाओं के समूहों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़पों, दुकानों में लूटपाट और कारों और इमारतों में आग लगाए जाने के बाद सड़कों पर हिंसा की आशंका को देखते हुए प्रतिबंध लगाना जरूरी था।FRANCE
पेरिस की अदालत के फैसले को तत्काल सार्वजनिक नहीं किया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच शहर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी (जिनमें कई युवा शामिल थे) शांतिपूर्वक एकत्र हुए और नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने एक बैनर भी लहराया, जिस पर लिखा था, ”हमारे भविष्य को अंधकारमय दिखाने के लिए आंसू गैस की जरूरत नहीं है।”आयोजकों ने पुलिस के एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कहा गया था कि हिंसा के जोखिम को देखते हुए विरोध-प्रदर्शन एक ही जगह पर सीमित रहेगा। आने वाले दिनों में और प्रतिबंध लगाए जाने का अनुमान है।FRANCE
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ऐसे कदमों का उद्देश्य शहर के केंद्रों, व्यवसायों और सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा करना है। एलिसी पैलेस में एक विशेष सुरक्षा बैठक के बाद मैक्रों ने कहा कि आने वाले दिनों के लिए अपनाई गई रणनीति ये है कि “बिना किसी वैध अनुमति वाले व्यक्तियों या समूहों” की ओर से किए जाने वाले विरोध-प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा, ”नियम सरल हैं और मुझे लगता है कि वे सामान्य समझ पर आधारित हैं।FRANCE
सामान्य तौर पर सलाह यही है कि आने वाले दिनों में कोई प्रदर्शन नहीं होना चाहिए।”मैक्रों ने कहा, ”जो लोग फिर भी प्रदर्शन करना चाहते हैं, यदि वे कर्मचारी संघ हैं, तो अधिकारी उन्हें प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाएंगे।” पेरिस और फ्रांस के दूसरे शहरों में अशांति के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। फ्रांस की राजधानी के कुछ इलाकों के साथ-साथ उन अन्य शहरों में भी रात के समय कर्फ्यू लगाया गया है, जहां स्थिति अब शांत हो गई है।FRANCE
