भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए गुजरात के सूरत जिले के कामरेज में देश का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो डिजिटल टोल प्लाजा शुरू किया गया है। अब सड़क पर लंबी कतारों की ज़रूरत नहीं। टोल बूथों पर रुकने की ज़रूरत नहीं।
15 करोड़ रुपये की लागत से बने व्यस्त भरूच-सूरत एनएच-48 मार्ग पर स्थित चोर्यासी टोल प्लाजा अब वाहनों को गति धीमी किए बिना गुजरने की अनुमति देता है, जो भारत के राजमार्ग अवसंरचना में एक महत्वपूर्ण कदम है। जैसे ही कोई वाहन टोल जोन से गुजरता है, टोल राशि स्वचालित रूप से FASTag खाते से कट जाती है। ये प्लाजा उन्नत FASTag स्कैनर और आधुनिक एएनपीआर कैमरों से सुसज्जित है। चौबीसों घंटे निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
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यह प्रणाली अत्याधुनिक एलआईडीएआर, रडार और एंटीना आधारित तकनीकों का उपयोग करके संचालित होती है। आंकड़ों के अनुसार इस टोल प्लाजा से प्रतिदिन लगभग 25,000 वाहन गुजरते हैं, जिससे औसतन लगभग 60 लाख रुपये रोजाना का संग्रह होता है। इस बाधा-मुक्त टोल प्लाजा से यातायात जाम कम होने, ईंधन की बचत होने, प्रदूषण स्तर घटने और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। ये बाधा-मुक्त डिजिटल टोल प्लाजा राजमार्ग टोल वसूली में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
