Gurugram Fake Mounjaro injection: रंग में असमानता से लेकर टाइपिंग की गलतियां नकली मौनजारो इंजेक्शन की पैकेजिंग में साफ अंतर दिखा रही थीं। इसी आधार पर ड्रग्स कंट्रोल ऑफिस ने हाल ही में गुरुग्राम के एक फ्लैट से चल रही मधुमेह और वजन घटाने वाली लोकप्रिय दवा की अवैध बिक्री और उत्पादन पर कार्रवाई की।ड्रग्स कंट्रोल ऑफिसर अमनदीप चौहान ने बताया कि कथित मास्टरमाइंड अवि शर्मा ने लोकप्रिय ई-कॉमर्स वेबसाइट अलीबाबा से चीन से कच्चा माल मंगवाया था।अधिकारियों ने 18 अप्रैल को डीएलएफ फेज 4 की एक गाड़ी पर छापा मारा और 70 लाख रुपये के नकली मौनजारो इंजेक्शन जब्त किए।Gurugram Fake Mounjaro injection Gurugram Fake Mounjaro injection
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ड्रग कंट्रोल टीम ने नकली नमूने की तुलना असली नमूने से की और पाया कि नकली इंजेक्शन के डिब्बों में नीले और लाल रंग के अलग-अलग शेड थे।असली की तुलना में नकली इंजेक्शन में टाइपिंग की भी गलतियां थीं।जांच के दौरान, टीम ने गुरुग्राम के सेक्टर 62 स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा। वहां कथित तौर पर कच्चे ड्रग्स में पानी मिलाकर इंजेक्शन तैयार किए जा रहे थे।पुलिस ने सबसे पहले डीएलएफ फेज 4 के डिलीवरीमैन मुज्जमिल को गिरफ्तार किया। बाद में, अवि शर्मा को भी हिरासत में लिया गया।Gurugram Fake Mounjaro injectionGurugram Fake Mounjaro injection
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अधिकारियों ने बताया कि 32 साल के अवि शर्मा ने नकली इंजेक्शन का उत्पादन ज्यादा पैसा कमाने के लिए किया था। वो अपनी पिछली कंपनी से ज्यादा कमाई नहीं कर पाया था। उसने प्राकृतिक तेल बेचने वाली ‘आयुर्वेदिक’ कंपनी, हेम्प्ड सोल्स इंटरनेशनल एलएलपी की स्थापना की थी।अमेरिकी फार्मा कंपनी एली लिली ने 2025 में भारत में मौनजारो लॉन्च किया। इसका मकसद टाइप 2 मधुमेह और मोटापे का इलाज करना था।लॉन्च के कुछ ही महीनों बाद ये इंजेक्शन लोकप्रिय हो गया। ये भारत में कीमत के हिसाब से सबसे ज्यादा बिकने वाली दवा बन गई।
