Haryana: दिल्ली आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कांग्रेस नेता और सांसद रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा बीजेपी सरकार पर बड़े आरोप लगाए है।सुरजेवाला ने कहा कि बीजेपी सरकार एक सोची-समझी रणनीति के तहत हरियाणा के युवाओं के हक पर ‘डाका’ डाल रही है।रणदीप सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार के ‘सर्विस फॉर्मूले’ पर तंज कसते हुए हमला बोला।सुरजेवाला ने कहा कि प्रदेश में अब एक ही नारा चल रहा है— “चपरासी हमारे और अफसर बाहर के।Haryana:
Read Also: Tamil Nadu: TVK विधायक प्रभाकर सर्वसम्मति से चुने गए विधानसभा अध्यक्ष
इस दौरान सुरजेवाला ने आंकड़ों के साथ दावा किया कि क्लास 1 से लेकर क्लास 3 तक की भर्तियों में हरियाणा के युवाओं को दरकिनार कर बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को तरजीह दी जा रही है।सुरजेवाला ने हालिया ‘असिस्टेंट प्रोफेसर’ भर्ती का उदाहरण देते हुए दावा किया कि हिंदी विषय में 67 जनरल पदों में से सिर्फ 60 भरे गए, जिनमें 41 उम्मीदवार हरियाणा से बाहर के हैं।वही साईकोलॉजी विषय में 44 जनरल पदों में से सिर्फ 2 पास हुए, बाकी सबको फेल कर दिया गया। Haryana:
Read Also: Delhi: तेल मंत्री हरदीप पुरी का बड़ा बयान, बोले- देश में ईंधन की कोई कमी नहीं
आरक्षित वर्ग में SC के 16 और OBC के 17 पदों पर एक भी उम्मीदवार को योग्य नहीं माना गया।सुरजेवाला ने तीखा सवाल पूछा कि क्या हरियाणा के युवाओं को हिंदी पढ़ानी भी नहीं आती? उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर पदों को खाली रख रही है या बाहरियों को भर रही है, जिससे हमारे मेधावी बच्चे विदेशों में मजदूरी करने को मजबूर हैं।बाहरी उम्मीदवारों का दबदबे पर सुरजेवाला ने आंकड़े जारी कर पिछली भर्तियों की एक लंबी लिस्ट पेश की है।इसमे असिस्टेंट इंजीनियर पद पर 214 में से 185 पद बाहरियों ने पास किये।वही सिविल जज के 110 में से 60 जज बाहरी राज्यों से है HCS भर्ती में 40% से ज्यादा बाहर के उम्मीदवार है बिजली विभाग में 80 पदों में से केवल 2 हरियाणवी की भर्ती हुई है ।Haryana:
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने डोमिसाइल नियमों में बदलाव पर भी सरकार को घेरा।सुरजेवाला ने कहा कि निवास प्रमाण पत्र की सीमा 10 साल से घटाकर 5 साल करना, हरियाणा के दलित और पिछड़े वर्गों के आरक्षण पर हमला है। सुरजेवाला ने HPSC के चेयरमैन के उस बयान की भी कड़ी निंदा की जिसमें हरियाणा के युवाओं को ‘फेलियर’ और ‘लिखना न जानने वाला’ बताया गया था।सुरजेवाला ने इस मुद्दे पर श्वेत पत्र लाने की मांग की है।साथ ही सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी से सार्वजनिक माफी की मांग की है और भर्ती प्रक्रिया में हरियाणा की संस्कृति, भौगोलिक स्थिति और भाषा से जुड़े सवाल अनिवार्य करने की वकालत की है ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके। Haryana:
