Haryana: कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने बताया कि सूरजकुंड क्राफ्ट मेले की शुरुआत वर्ष 1977 में हुई थी और अब यह 39वें संस्करण में प्रवेश कर रहा है। हर साल इस मेले के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। 31 जनवरी को मेले के उद्घाटन कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति शामिल होंगे, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
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इस बार मेले के लिए मेघालय और उत्तर प्रदेश को स्टेट पार्टनर बनाया गया है। पिछले वर्ष जहां 40 से अधिक देशों ने भाग लिया था, वहीं इस बार 50 से ज्यादा देशों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। मंत्री ने कहा कि मेले में स्टॉल लगाने वाले कारीगरों और व्यापारियों को न सिर्फ आर्थिक लाभ होता है, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर भी प्राप्त होते हैं। यह मेला कलाकारों को आगे बढ़ाने का एक सशक्त मंच है और ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा। Haryana
मेले में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन, लोक कलाकार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर और गुरदास मान भी कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगे। इस बार मेले की थीम ‘लोकल टू ग्लोबल’ रखी गई है और इसे ऐतिहासिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। Haryana
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अरविंद शर्मा ने बताया कि दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन इस बार टिकटिंग पार्टनर होगा। मेले में स्टॉल्स की संख्या बढ़ाकर 1200 से अधिक कर दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं और पिछली बार की तुलना में ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। हरियाणवी संस्कृति से जुड़ी वे चीजें, जो धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं, उन्हें भी मेले में प्रदर्शित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के कई व्यंजनों को शामिल किया गया है। Haryana
यूजीसी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सुझाव मांगे गए हैं और यह फाइनल ड्राफ्ट नहीं है। जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे भी अपने सुझाव दें। उन्होंने बताया कि पिछली बार 1500 से ज्यादा सुझाव आए थे, जिन पर चर्चा की गई थी। कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा का विकसित भारत में विशेष योगदान हो, इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया है कि एनसीआर का अलग मंत्रालय बनाया जाए और उसका अलग बजट निर्धारित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि बीजेपी संतों और महापुरुषों का सम्मान करने वाली पार्टी है। Haryana
