Haryana News: हरियाणा के एक पर्वतारोही ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर बिना ऑक्सीजन के लगातार 24 घंटे बिताकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। ये रिकॉर्ड बनाकर जब पर्वतारोही रोहताश खिलेरी हिसार में अपने गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने विजयी जुलूस निकाला और उनका भव्य अभिनंदन किया। हिसार के आजाद नगर नहर नाका से लेकर गांव मलापुर तक विजय जुलूस निकाला गया। रोहताश खिलेरी को खुली जीप में सवार कर फूल मालाओं से स्वागत किया गया।
पर्वतारोही रोहताश खिलेरी ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर बिना ऑक्सीजन के लगातार 24 घंटे बिताकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। 18,510 फुट ऊंची इस चोटी पर ऐसा करने वाले वह दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं। Haryana News
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बातचीत में रोहताश खिलेरी ने बताया कि उन्हें माइनस 40 डिग्री सेल्सियस से लेकर माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ा। इन कठिन परिस्थितियों में भी इच्छाशक्ति की ताकत उनमें बनी रही। Haryana News
रोहताश ने बताया कि माउंट एल्ब्रुस की कंपा देने वाली ठंड उन्हें याद दिलाती है कि इंसान की इच्छाशक्ति से बड़ा कुछ भी नहीं है। इससे पहले 1999 में नेपाल के बाबू श्री शेरपा ने माउंट एवरेस्ट पर बिना ऑक्सीजन के 21 घंटे बिताने का रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन माउंट एल्ब्रुस पर बिना ऑक्सीजन के 24 घंटे रुकने का यह रिकॉर्ड एक नई मिसाल है।
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रोहताश के पिता सुभाष चंद्र किसान हैं और उनकी माता गृहिणी हैं। रोहताश को पर्वतारोहण के दौरान फ्रॉस्ट बाइट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें अपनी दो उंगलियां गंवानी पड़ीं, लेकिन उनके हौसले में कोई कमी नहीं आई। उन्होंने हार नहीं मानी और अकेले ही इस चुनौती को पार किया।
उन्होंने बताया कि वह पिछले आठ वर्षों से लगातार पर्वतारोहण का अभ्यास कर रहे हैं और रोजाना दो घंटे कठिन ट्रेनिंग, स्पेलिंग एक्सरसाइज और मेडिटेशन करते हैं। पिछले पांच वर्षों से माउंट एल्ब्रुस पर 24 घंटे रुकने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हर बार तबीयत खराब होने के कारण उन्हें लौटना पड़ा। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः अपने लक्ष्य को हासिल किया। Haryana News
