Indore: इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौत की जांच की शुरुआती रिपोर्ट में पीने के पानी के सैंपल में ऐसे बैक्टीरिया पाए गए हैं जो आम तौर पर सीवर के पानी में मिलते हैं। पीड़ितों को उल्टी और दस्त की शिकायत के साथ अस्पताल लाए जाने के तीन दिन बाद यह बात सामने आई है। Indore:
Read also- Andhra Crime News: आंध्र प्रदेश में पिता बना हैवान, तीन बेटों को उतारा मौत के घाट
स्थानीय निवासियों का दावा है कि इस स्वास्थ्य संकट के कारण छह महीने के शिशु सहित 14 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। भागीरथपुरा में नर्मदा का पानी जांच के लिए भेजा गया, लेकिन निवासियों को अभी भी दूषित नल का पानी मिल रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है की इतना सब होने के बाद भी स्थिति ऐसी है ,कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्हें अभी भी बोरिंग और टैंकर का पानी गर्म कर के इस्तेमाल करना पड़ रहा है और ये पानी पी कर प्यास नहीं भुजती।Indore:
Read also-Bullet Train: बुलेट ट्रेन को लेकर आई खुशखबरी, रेल मंत्री ने किया तारीख का ऐलान
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बहुत दुःख का विषय है की इंदौर शहर की जनता ने इन्हे लगातार सांसद दिए , विधायक दिए , मेयर दिए , पार्षद दिए और बीजेपी ने इन्हे पानी में ज़हर दिया , मौत दी। इनके मंत्री से जब पत्रकार सवाल करते हैं तो मंत्री पत्रकारों को गालियां देते हैं। जिनकी मौत हुई उनके परिजनों से जब में मिलने गया तो सीएम से मुझे बहुत आशाएं थी लेकिन सीएम मौतों का आकड़ा छुपाने की कोशिश करते हैं। ऐसी आशा सीएम से नहीं थी।Indore:
तो वहीँ इंदौर दूषित पानी मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पानी में जो सीवेरज का गंदा पानी मिलने की संभावना थी वो कंफर्म हो गया है की पानी दूषित है। इसलिए उसका ट्रीटमेंट पहले से चालु था और अभी भी वही ट्रीटमेंट चल रहा है। हम हंड्रेड पर्सेंट चेक करेंगे और इसको कम से कम 8 से 10 दिन लगेंगे माइक्रो लेवल पर चेकिंग करने के लिए।हालांकि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। NHRC ने शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी आने से मौत पर नोटिस जारी किया है।Indore:
