Israel-Iran: मध्य पूर्व में युद्ध के लगातार बढ़ते जाने के बीच इजराइल ने रविवार यानी आज 8 मार्च को दक्षिणी लेबनान, बेरूत और तेहरान में तेल भंडारण सुविधाओं पर हमला किया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि संघर्ष के अगले चरण को बेहद घातक होगा। ईरान ने बहरीन में एक विलवणीकरण संयंत्र (खारे पानी को पीने योग्य बनाना) पर भी हमला किया। इससे पहले रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिकी हवाई हमले में केशम द्वीप पर स्थित पानी का विलवणीकरण संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा करके “ये मिसाल अमेरिका ने कायम की है, ईरान ने नहीं।”
खाड़ी के सूखे रेगिस्तानों में पीने के पानी की आपूर्ति के लिए ऐसी अवसंरचना बेहद महत्वपूर्ण है। एसोसिएटेड प्रेस की ओर से शनिवार को जारी वीडियो में दिखाई दिया कि तेहरान में तेल भंडारण वाली जगहों पर इजराइली हमला हुआ, जिससे आग की भयानक लपटें दिखाई दे रही थीं। ऐसा प्रतीत होता है कि युद्ध में पहली बार किसी नागरिक औद्योगिक सुविधा को निशाना बनाया गया है। अधिकारियों के अनुसार 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद शुरू हुए इस युद्ध में अब तक ईरान में कम से कम 1,230, लेबनान में 300 से अधिक और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोग मारे जा चुके हैं।
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ईरान के संसद अध्यक्ष ने रविवार को कहा कि जब तक मध्य पूर्व में युद्ध जारी रहेगा, तेल की कीमतें बढ़ती रहेंगी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और ये 2023 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड के एक बैरल की कीमत 8.5 फीसदी बढ़कर 92.69 अमेरिकी डॉलर हो गई, जो पिछले हफ्ते के आखिर में लगभग 70 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल थी। वहीं शुक्रवार को बेंचमार्क अमेरिकी क्रूड की कीमत 12.2 प्रतिशत बढ़कर 90.90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई।
