Jharkhand: राकेश रंजन सिंह (47) जो कि की मर्चेंट नेवी में कैप्टन के तौर पर कार्यरत थे, उनकी मौत से नालंदा से लेकर रांची तक शोक की लहर दौड़ गई। युद्ध जैसे हालात में उनका जहाज समुद्र में फंसा हुआ था। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और परिचितों में मातम पसर गया, हर कोई इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बता रहा है। राकेश रंजन सिंह पिछले 24 वर्षों से मर्चेंट नेवी में सेवा दे रहे थे। परिवार में उन्हें देवानंद नाम से भी पुकारा जाता था। वे स्वर्गीय रामचरित्र सिंह के सबसे छोटे पुत्र थे।Jharkhand
Read Also-UP News: मथुरा में ‘फरसे वाले बाबा’ को ट्रक ने कुचला, घटना के बाद हुआ विरोध प्रदर्शन और बवाल
परिजनों ने बताया कि राकेश से रोज बातचीत होती थी लेकिन 18 तारीख को भी उन्होंने हालात की गंभीरता बताई थी। उन्होंने कहा था कि समुद्र में स्थिति काफी नाजुक है। कई जहाज लंगर डालकर खड़े हैं और आगे का कुछ पता नहीं। उनकी बातों से संकट का अंदाजा लगाया जा सकता था, इसके बाद ही यह दुखद खबर सामने आई।
उनके परिवार के अनुसार, रंजन की मृत्यु 18 मार्च को कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई थी। रंजन के बड़े भाई उमेश सिंह ने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अनुरोध करता हूं कि वे मेरे भाई के शव को जल्द से जल्द वापस लाने में मदद करें। कंपनी को भी उनके वित्तीय बकाया और अन्य लाभों के भुगतान में कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए और सरकार को इस मामले की निगरानी करनी चाहिए।’’Jharkhand
