Kapurthala Jail Violence: पंजाब में कपूरथला जेल में झड़प के बाद कैदियों के उग्र होने पर व्यवस्था बहाल करने के लिए अधिकारियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। अधिकारियों ने रविवार को ये जानकारी दी।पुलिस ने बताया कि लाठीचार्ज के दौरान दो कैदी घायल हो गए जबकि एक अन्य आंसू गैस के गोले की चपेट में आ गया। ये घटना शनिवार देर रात उस समय हुई जब ब्लॉक चार के कुछ कैदी किसी मुद्दे पर आपस में भिड़ गए।
Read also- Twisha Sharma Case: उच्चतम न्यायालय ने ट्विशा शर्मा केस का स्वतः लिया संज्ञान, 25 मई को होगी सुनवाई
झड़प का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेल अधिकारियों ने कैदियों को लड़ने से रोकने के लिए बीच बचाव करने की कोशिश की लेकिन कैदियों ने अधिकारियों के साथ हाथापाई करने का प्रयास किया।अधिकारी ने बताया कि कुछ कैदी बैरक से बाहर निकलकर छत पर पहुंच गए और उनमें से कुछ ने कपड़ों में आग भी लगा दी।Kapurthala Jail Violence Kapurthala Jail Violence Kapurthala Jail Violence
घटना के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज करके स्थिति को नियंत्रित किया।पुलिस के अनुसार, किसी भी जेल कर्मी को कोई चोट नहीं आई है। कैदी अपने बैरक में लौट गए हैं और सभी की गिनती कर ली गई है।जालंधर रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक नवीन सिंगला ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
सिंगला ने जोर देकर कहा कि जेल की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।उन्होंने कहा कि मैंने जेल की संपत्ति का मुआयना किया है।सूचना मिलते ही सिंगला और कपूरथला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव तूरा समेत अन्य पुलिस अधिकारी जेल पहुंचे।जेल परिसर के अंदर हंगामे के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं।इन वीडियो में कुछ कैदियों को जेल अधिकारियों पर बल प्रयोग करने का आरोप लगाते सुना जा सकता है।
Read also- क्या चावल खाने से सच में बढ़ता है मोटापा ? रिसर्च में सामने आया सच
एक कथित वीडियो में एक कैदी चोट के निशान दिखाते हुए दिख रहा है। कपूरथला जेल में लगभग 4,000 कैदी हैं। इस बीच, शिरोमणि अकाली दल के नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने कपूरथला जेल की घटना को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की।विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब की जेल अब सुधार केंद्र नहीं रह गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार में ये अपराधियों के लिए युद्धक्षेत्र बन गई हैं।Kapurthala Jail Violence
