Karwa Chauth 2026: अखंड सौभाग्य का पर्व करवा चौथ, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि ?

Karwa Chauth 2026

Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति, विशेषकर उत्तर भारत में सुहागिन महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है। यह व्रत मुख्य रूप से पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है।

बात करें इस त्योहार क्यों मनाया जाता है और इसकी पूजा-विधि क्या है तो पति की लंबी आयु और स्वास्थ्य के लिए इस दिन सुहागिन महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु, सफलता और आरोग्यता के लिए निर्जला (बिना पानी के) व्रत रखती हैं। Karwa Chauth 2026

पौराणिक कथाओं के अनुसार वीरवती की कथा एक प्रसिद्ध कथा है। इसके अनुसार, वीरवती नाम की एक राजकुमारी ने अपने भाइयों के षड्यंत्र के कारण चंद्रमा से पहले ही कृत्रिम चंद्रमा देखकर व्रत खोल लिया था, जिससे उसके पति की तबीयत खराब हो गई थी। तब उसने विधि-विधान से दोबारा व्रत रखा, जिसके प्रभाव से उसका पति जीवित हो गया। इसी के साथ महाभारत काल में द्रौपदी ने अर्जुन की रक्षा और पांडवों के संकटों को दूर करने के लिए भगवान कृष्ण की सलाह पर करवा चौथ का व्रत रखा था।

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कैसे की जाती है करवा चौथ की पूजा ? करवा चौथ की पूजा का विधान बहुत ही सुंदर और पारंपरिक होता है। जैसे-

  • सरगी- व्रत वाले दिन सूरज निकलने से पहले सास द्वारा दी गई ‘सरगी’ खाई जाती है। इसके बाद पूरा दिन बिना पानी के (निर्जला) रहा जाता है।
  • पूजा की तैयारी- शाम के समय घर के मंदिर या किसी साफ स्थान पर दीवार पर रोली या हल्दी से ‘करवा माता’ का चित्र बनाया जाता है। पूजा की थाली सजाई जाती है, जिसमें दीपक, रोली, चावल, कलावा, मिठाई और फल रखे जाते हैं।
  • मिट्टी का करवा और छलनी- पूजा में मिट्टी का ‘करवा’ रखा जाता है, जिसमें जल और थोड़े चावल या गेंहू भरे जाते हैं। इसके ऊपर ढक्कन में शक्कर या चीनी रखी जाती है। पूजा के लिए एक छलनी (छानने वाली) और दीपक जरूरी होता है।
  • कथा सुनना- शाम को सोलह श्रृंगार करके महिलाएँ एकत्रित होती हैं और सामूहिक रूप से ‘करवा चौथ की कथा’ सुनती या पढ़ती हैं। इस दौरान करवा माता को जल अर्पित किया जाता है और सुहाग की लंबी उम्र की कामना की जाती है।
  • चंद्रमा को अर्घ्य देना और व्रत खोलना- रात में जब चंद्रमा उदय होता है, तब महिलाएँ छलनी से पहले चंद्रमा को देखती हैं और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद चंद्रमा को जल अर्घ्य देकर अंत में पति अपने हाथों से पत्नी को जल पिलाकर और मिठाई खिलाकर इस कठिन व्रत का पारण करवाते हैं। Karwa Chauth 2026

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करवा चौथ के दिन कुछ कार्य ऐसे होते है जिन्हें करने से व्रत शुभ हो जाता है और कुछ कार्य ऐसे हैं जिनको करने से व्रत खंडित हो जाता है। आइए जानते है ति करवा चौथ के दिन क्या करें और क्या नहीं।

करवा चौथ पर क्या करें ?

  • सुबह सरगी खाएं- सूर्योदय से पहले उठकर सास द्वारा दी गई ‘सरगी’ खाएं और पानी पिएं ।
  • सोलह श्रृंगार करें: इस दिन सुहागन महिलाओं को लाल, पीला या गुलाबी रंग के नए कपड़े पहनकर सोलह श्रृंगार करना चाहिए। सुहाग का श्रृंगार बहुत शुभ माना जाता है।
  • शिव-पार्वती की पूजा करें- शाम को माँ पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश और करवा माता की विधि-विधान से पूजा करें और करवा चौथ की कथा सुनें।
  • चंद्रमा और पति की पूजा- रात को चंद्रोदय होने पर छलनी से पहले चंद्रमा को देखें और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर उनकी लंबी उम्र की कामना करें। इसके बाद पति के हाथ से जल पीकर व्रत खोलें।

करवा चौथ पर क्या न करें ?

  • दिन में सोएं नहीं- इस बात का ध्यान रखें कि व्रत के दिन दिनभर सोने से बचें। अपना समय पूजा की तैयारी, भजन-कीर्तन या परिवार के साथ बातचीत में बिताएं।
  • काले या सफेद कपड़े न पहनें- पूजा या पूरे दिन के दौरान काले, नीले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचें।
  • नुकीली या धारदार चीजों का अत्यधिक प्रयोग न करें- कोशिश करें कि इस दिन कैंची, सुई या चाकू जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल कम से कम हो।

अगर बात करें करवा चौथ के चांद निकलने की तो अलग- अलग शहरों में अलग-अलग समय पर दिखेगा करवा चौथ का चांद।

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