Katra: जम्मू कश्मीर में कटरा के व्यापारी इन दिनों भारी चिंता में हैं। बर्फ न पड़ने से उनकी पेशानी पर बल पड़ गया है। बर्फ न पड़ने का सीधा असर माता वैष्णो देवी मंदिर और पटनीटॉप जैसे लोकप्रिय जगहों में आने वाले श्रद्धालुओं और सैलानियों की संख्या पर पड़ा है।Katra
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उम्मीद थी कि 2025 के अंत और 2026 के शुरू में त्रिकुटा पर्वत और आसपास बर्फ पड़ेगी, लेकिन मौसम ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया।बर्फ कम पड़ी है, लेकिन व्यापारी और ट्रैवल ऑपरेटर नाउम्मीद नहीं हैं। उन्हें लगता है कि मकर संक्रांति के आसपास मौसम में सुखद बदलाव आएगा।कटरा में व्यापार का बर्फबारी के साथ गहरा रिश्ता है। लिहाजा व्यापारी किसी दैवीय चमत्कार की मिन्नतें मांग रहे हैं, जो गिने-चुने श्रद्धालुओं और सैलानियों को भारी भीड़ में बदल दे।Katra
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कश्मीर घाटी में 40 दिन की सर्दियों का वो समय जिसे चिल्लई कलां कहा जाता है, आमतौर पर सबसे ज्यादा ठंडा होता है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं है।चिल्लई कलां की शुरुआत 21 दिसंबर को होती है, लेकिन अब तक इस क्षेत्र में शायद ही बर्फबारी या बारिश हुई है। अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही है, तो कम से कम 15 जनवरी तक मौसम ज्यादातर शुष्क रहने की संभावना है।शुक्रवार सुबह श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो साल के इस समय के सामान्य तापमान से 2.5 डिग्री ज्यादा था। Katra:
