Madhya Pradesh: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में सोमवार 2 मार्च को सीवरेज लाइन के एक चैम्बर की सफाई के दौरान नगर निगम के दो कर्मियों की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इंदौर नगर निगम द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोनों सफाई कर्मियों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञप्ति में दावा किया गया कि दोनों सफाई कर्मी एक सैप्टिक टैंक को खाली करने के बाद नगर निगम की गाड़ी का पानी सीवरेज लाइन के चैम्बर में खाली करने के दौरान हादसे के शिकार हुए। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुमित केरकेट्टा ने बताया कि घटना उस वक्त हुई, जब दो निगम कर्मी शहर की देवी अहिल्याबाई होलकर फल-सब्जी मंडी के सामने सीवरेज लाइन के एक चैम्बर की सफाई कर रहे थे। उन्होंने बताया,‘‘सफाई के दौरान ‘सीवर सक्शन मशीन’ के पाइप का एक हिस्सा टूटकर चैम्बर में गिर गया। इस पाइप के हिस्से को निकालने चैम्बर में उतरा एक सफाई कर्मी जहरीली गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गया। उसे बचाने चैम्बर में उतरा दूसरा निगम कर्मी भी बेहोश हो गया।’’
Read Also: देश भर में होली की तैयारियां जोरों पर, हर्बल रंग-गुलालों की खास मांग, बच्चों के बीच रंगीन मुखौटे हैं लोकप्रिय
केरकेट्टा ने बताया कि सीवरेज चैम्बर में मौजूद जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों निगम कर्मियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों सफाई कर्मियों के शवों को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की मदद से चैम्बर से बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए एक अस्पताल भेजा गया। पुलिस उपायुक्त श्रीकृष्ण लालचंदानी ने बताया कि मृतकों की पहचान करण यादव और अजय डोडी के रूप में हुई है। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी अमित रजक ने बताया कि दोनों निगम कर्मी बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवरेज चैम्बर में उतरे थे। रजक ने आरोप लगाया कि घटना के दो घंटे बाद भी पुलिस, नगर निगम के कर्मचारी और एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची थी और आम लोगों ने दोनों सफाई कर्मियों को चैम्बर से बाहर निकालकर बचाने की कोशिश की।
