OM Birla: मुकुंदरा-रामगढ़ विषधारी बनेगा बाघ संरक्षण का केंद्र: बिरला

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OM Birla: करीब एक सदी पहले खत्म हुआ हाड़ौती का ऐतिहासिक टाइगर कॉरिडोर एक बार फिर जीवंत होगा। रामगढ़ विषधारी से लेकर मुकुंदरा की अप स्ट्रीम बाघों के संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। बाघों की प्रजाति को सशक्त बनाने की दिशा में भी रामगढ़-मुकुंदरा ऐतिहासिक भूमिका निभाएंगे। रामगढ़ में पेंच टाइगर रिजर्व और अब रणथंभौर से मुकुंदरा में बाघ लाकर इस दिशा में वन विभाग ने एतिहासिक कदम उठाया है।  OM Birla:
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रणथंभौर से मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व में बाघ T-2408 के सफल स्थानांतरण पर कोटा सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के नागरिकों और वन्यजीव प्रेमियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि हाड़ौती में जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। OM Birla:
मुकुंदरा-रामगढ़ बनेंगे बाघ संरक्षण का हब
बिरला ने कहा कि मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में हो रहे समन्वित प्रयास आने वाले समय में कोटा–बून्दी क्षेत्र को बाघ संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनाएंगे। कोटा बूंदी में बाघों की संख्या बढ़ने से न सिर्फ इको-टूरिज़्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे। वन संरक्षण, पर्यटन और जनभागीदारी का यह साझा प्रयास हाड़ौती को प्रकृति और विकास के संतुलन का उदाहरण बनाएगा।
2 से 6 हुई बाघ-बाघिन की संख्या
 
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व के डीसीएफ मुथु सोमसुंदरम से अनुसार स्थानांतरित किया गया बाघ T-2408 लगभग चार वर्ष का है। इसके मुकुंदरा पहुंचने के साथ ही टाइगर रिज़र्व में मेल बाघों की संख्या दो हो गई है। मुकुंदरा टाइगर रिज़र्व में अब कुल छह बाघ हैं, जिनमें दो मेल, तीन फीमेल और एक शावक शामिल है। उल्लेखनीय है कि पिछले एक वर्ष में यहां बाघों की संख्या दो से बढ़कर छह हो गई है। दिसंबर 2024 तक मुकुंदरा में केवल एक बाघ और एक बाघिन ही मौजूद थे।OM Birla:

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