Parliament: संसद का शीतकालीन सत्र एक दिसंबर से शुरू होने जा रहा है।इस 19 दिवसीय सत्र में कुल 15 बैठकें निर्धारित हैं।सत्र से ठीक एक दिन पहले,कल रविवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे । बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के सभी राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स शामिल होंगे। सर्वदलीय बैठक का मुख्य मकसद सत्र को सुचारू रूप से चलाने की रणनीति बनाना है। बैठक का उद्देश्य और एजेंडा सर्वदलीय बैठक का मुख्य मकसद सत्र को सुचारू रूप से चलाने की रणनीति बनाना है। सरकार विपक्ष के नेताओं के साथ विधेयकों की सूची साझा करेगी और उनके सुझाव लेगी। Parliament:
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इससे पहले केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि, “संसद की कार्यवाही अच्छे ढंग से चले, इसके लिए सभी दलों का सहयोग जरूरी है।बैठक में कई प्रमुख बिंदु पर चर्चा होने की संभावना है । सत्र के दौरान सरकार 12 विधेयक पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें से 10 नए हैं। इनमें कई विधेयक शामिल हैं।Parliament:
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक।,उच्च शिक्षा में सुधार,बीमा क्षेत्र और प्रतिभूति बाजार में बदलाव।,राजमार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण को सरल बनाने वाला बिल।वही चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के तहत शामिल करने वाला संविधान (131वां संशोधन) विधेयक चर्चाओं में रहा हालांकि बाद में सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह अटकलें मात्र हैं और इस विधेयक पर सहमति के बाद ही विचार होगा।संसद का शीतकालीन सत्र ऐसे वक्त होगा जब कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम बनकर उभरे हैं। बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत हुई है वहीं विपक्ष ने इसको नकारते हुए वोट हेराफेरी से जोड़ा है। Parliament:
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वोट हेराफेरी से जुड़े मामले का खुलासा करने का दावा करते हुए लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़े दावे किए थे,वहीं SIR प्रक्रिया को लेकर भी विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है।माना जा रहा है कि सत्र के दौरान इन मुद्दों पर विपक्ष एक बार फिर सरकार पर लामबंद होकर हमला बोलेगा इसके अलावा अर्थव्यवस्था विदेश नीति और संघीय ढांचे पर हमले से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी विपक्ष की सरकार की घेराबंदी की योजना है। वहीं सरकार राष्ट्रवाद वंदे मातरम और अन्य मुद्दों पर विपक्ष को बैकफुट पर लाने की कोशिश करेगी।बहरहाल सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। Parliament:
