Bihar News: बिहार की पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बुधवार को विपक्षी आरजेडी में शामिल हो गईं। विधानसभा और लोकसभा में कई कार्यकाल बिता चुकी कुशवाहा विपक्षी नेता तेजस्वी यादव की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल हुईं।उन्होंने 2019 में खगड़िया लोकसभा सीट से टिकट न मिलने पर बीजेपी छोड़ी थी, जिसका प्रतिनिधित्व एक दशक पहले उन्होंने किया था। पिछले साल उन्होंने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अध्यक्षता वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से इस्तीफा दे दिया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि टिकटों की बिक्री की जा रही है।
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उनके शामिल होने को आरजेडी द्वारा ‘एमवाई’ (मुस्लिम-यादव) गठबंधन से परे अपने आधार का विस्तार करने और एनडीए के प्रति लगाव के लिए जाने जाने वाले जाति समूहों को लुभाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।एक समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की करीबी मानी जाने वाली रेणु 2014 तक जेडीयू में रहीं, जब वो बीजेपी में शामिल हो गईं और उनके पति ने मधेपुरा से भगवा पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था।
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इस मौके पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश के इटावा की घटना पर प्रकाश डाला, जहां एक ओबीसी धार्मिक उपदेशक को “सार्वजनिक रूप से अपमानित” किया गया।बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “ये भाजपा-आरएसएस का असली चरित्र है। वे दलित या ओबीसी को सम्मान मिलते नहीं देख सकते।”
