सरकार सिक्किम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध- PM Modi

Sikkim: Government committed to strengthening the infrastructure of Sikkim- PM Modi

Sikkim: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार यानी आज 28 अप्रैल को कहा कि उनकी सरकार न केवल अपनी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के प्रति प्रतिबद्ध है, बल्कि पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के लिए ‘एक्ट फास्ट’ (तेजी से कार्रवाई) के लिए भी दृढ़ संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर के इन आठ राज्यों को भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ बताया, जो समृद्धि, धन और शुभता के बहुआयामी स्वरूप का प्रतिनिधित्व करती हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन सिक्किम की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार का ध्यान कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर है, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पालजोर स्टेडियम में राज्य की स्थापना के 50 साल पूरे होने के समारोह के समापन कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सरकार सिक्किम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से एक एक्सप्रेसवे का निर्माण और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लिए गंगटोक में रिंग रोड का निर्माण शामिल है।” उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में रोपवे और स्काईवे परियोजनाएं विचाराधीन हैं, जबकि अधिक पर्यटकों की आमद सुनिश्चित करने के लिए नाथुला में एक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सिक्किम सहित पूर्वोत्तर भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ है। सरकार ‘एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट’ के लिए दृढ़ संकल्पित है।” पौराणिक मान्यता के अनुसार, अष्टलक्ष्मी धन की देवी लक्ष्मी के आठ विशेष रूप .. आदिलक्ष्मी, धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, गजलक्ष्मी, सन्तानलक्ष्मी, वीरलक्ष्मी, विजयलक्ष्मी और विद्यालक्ष्मी हैं, जिनकी पूजा समृद्धि के लिए की जाती है। प्रधानमंत्री ने सिक्किम सहित पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को देश की ‘अष्टलक्ष्मी’ बताया।

राज्य की जैव विविधता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “सिक्किम में प्रकृति और संस्कृति जीवंत हो उठती हैं। राज्य की सड़कों की स्वच्छता और वायु की शुद्धता दर्शाती है कि यहां के लोग प्रकृति संरक्षण के सच्चे प्रतीक हैं।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सिक्किम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र का आर्गेनिक खेती जैसी पहलों के जरिए भविष्य के विकास और सतत प्रगति का केंद्र बनना तय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम को एक बहुत शांत, आध्यात्मिक और स्वस्थ वातावरण वाला सुंदर स्थान बताया और पर्यटकों से बड़ी संख्या में यहां आने की अपील की। उन्होंने कहा, “सिक्किम में इको-वेलनेस पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं, जिसे सरकार बढ़ावा दे रही है। लगभग 1,000 होमस्टे बनाए जा रहे हैं और ‘एडवेंचर टूरिज्म’ के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।”

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उन्होंने ये भी कहा कि सिक्किम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाता है, खासकर ऐसे समय में जब धर्म और राजनीति के आधार पर देश को बांटने की कोशिशें हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने सिक्किम को “पूर्व का स्वर्ग” बताते हुए पर्यटकों से इसकी प्राकृतिक सुंदरता, खासकर विविध ‘ऑर्किड’ को देखने के लिए आने की अपील की। सुबह युवा खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेलने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “सरकार सिक्किम में खेल ढांचे को मजबूत करने और प्रतिभाओं को निखारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, खासकर फुटबॉल और तीरंदाजी में।” उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने सिक्किम के विकास कार्यों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं सिक्किम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए हर संभव प्रयास करूंगा, जिनकी कांग्रेस ने अनदेखी की थी। कांग्रेस ने सिक्किम में स्वास्थ्य सेवाओं की उपेक्षा की।” उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली सेवोके-रंगपो रेल परियोजना के निर्माण में हुई देरी का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवोके-रंगपो रेल परियोजना को तत्कालीन संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार ने 2008-09 में मंजूरी दी थी, लेकिन तत्कालीन सरकार के “लापरवाह रवैये” के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका, क्योंकि सरकार परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण नहीं कर पाई थी।

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